Digital Arrest: ठगी का नया तरीका, कहीं आप तो नहीं हो रहे डिजिटल अरेस्ट ठगी का शिकार, जानें कैसे Hindi News, December 6, 2023December 6, 2023 Digital Arrest: दोस्तों ऑनलाइन ठगी वाले कई नए हथकंडे ढूँढ़ते रहते हैं और हम लोग उनका शिकार हो जाते हैं। आजकल साइबर ठगी वालों ने लोगों को डिजिटल अरेस्ट तरीके से ठगना शुरू कर दिया है। हैरान करने वाली बात कि अब पढ़े लिखे लोग भी इनका शिकार हो रहे हैं। आईये जानते हैं क्या होता है डिजिटल अरेस्ट? और कैसे हो रहे हैं लोग इनका शिकार ? जानकारी के लिए इस लेख को ध्यानपूर्वक पढ़ें और सतर्क रहें। डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) दोस्तों पहले के समय लोग कहीं बहार जाकर ठगे जाते थे। या कोई घर में आकर बहला फुसला कर ठग लेता था। अब ऐसा नहीं है, अब ये लोग ऑनलाइन तरीके से घर बैठे बैठे किसी को भी अपना शिकार बना सकते है। जी हाँ दोस्तों डिजिटल अरेस्ट का अर्थ ही है कि घर बैठे बैठे डिजिटल माध्यम से लोगों को लूटना। इसमें ठग लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से ब्लैकमेल करते हैं और डरा धमका कर कई बड़ी बड़ी धनराशियों का फ्रॉड करते हैं। और लोग डिजिटल अरेस्ट स्कैम का शिकार हो जाते हैं। इसमें स्कैमर एक फ़ोन कॉल करके खुद को पुलिस या इनकम टैक्स डिपार्मेंट का आदमी बताता हैं। फिर वो कहते हैं कि आपके नाम पर रिपोर्ट दर्ज हुई है। जिससे पीड़ित घबरा जाता है,इसके बाद वो दूसरी कॉल वीडियो कॉल करते हैं। और खुद के पीछे का बैकग्राउंड पुलिस स्टेशन जैसा बना देते हैं जिससे लोगों को इनपर यकीन हो जाता है। इसके बाद ये स्कैमर मदद की बात करके इनकी रिपोर्ट को रफा दफा करने को कहते हैं। और इसके लिए इनसे इनकी कई जानकारियां और डाक्यूमेंट्स के साथ साथ कुछ धनराशि भी मांगते हैं। और फिर धीरे धीरे इनके खाते से सारा पैसा निकाल लेते हैं। कैसे बचें डिजिटल अरेस्ट से यदि आप ऐसे फ्रॉड कॉल से बचना चाहते हैं और चाहते हैं कि आपके साथ किसी भी प्रकार का फ्रॉड न हो तो आप नीचे लिखी बातों पर ध्यान दें और इनको अच्छे से फॉलो करें। यदि आपको कॉल आये तो आपको बिलकुल भी घबराना नहीं। सामने वाले व्यक्ति की बातों की बजाय आपको खुद पर यकीन रखना है। किसी की धमकियों से न डरें। अगर आप कॉन्फीडेंट होंगे तो कोई आपके साथ स्कैम नहीं कर पायेगा। किसी भी व्यक्ति के बहकावे में आकर अपनी निजी जानकारी साझा ना करें। अपनी बैंक सम्बन्धी जैसे पैन कार्ड, खता नंबर, आधार कार्ड या अपना गूगल पे नंबर जैसी जानकारी न दें। ऐसे कॉल आने पर नजदीकी पुलिस थाने में जानकारी दें। अपना UPI आईडी, पिन नंबर और किसी का भेजा हुआ OTP सोच समझकर ही शेयर करें। यह भी जानें : विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस पर पाक क्रिकेटर ने कसा तंज, कहा कौन है पनौती ? News Article