नींद से जुड़ी समस्याएँ: कारण, नुकसान और बेहतर नींद पाने के आसान व प्राकृतिक उपाय Hindi News, September 25, 2025September 25, 2025 आज की व्यस्त जीवनशैली में नींद की समस्या एक आम परेशानी बन चुकी है। बहुत से लोग या तो देर से सोते हैं, बार-बार नींद टूट जाती है, या फिर सुबह उठने के बाद भी थकान महसूस करते हैं। नींद केवल आराम ही नहीं देती, बल्कि शरीर और दिमाग दोनों को स्वस्थ रखने के लिए बेहद ज़रूरी है। अगर नींद सही न मिले तो इसका असर सीधा सेहत पर पड़ता है। नींद की कमी के आम कारण तनाव और चिंता – लगातार स्ट्रेस और चिंताओं के कारण दिमाग शांत नहीं हो पाता, जिससे नींद आने में दिक्कत होती है।मोबाइल और स्क्रीन का इस्तेमाल – सोने से पहले लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप देखने से ब्लू लाइट दिमाग को एक्टिव रखती है और नींद नहीं आती।अनियमित जीवनशैली – देर रात खाना, कैफीन का अधिक सेवन, या सोने-जागने का निश्चित समय न होना भी नींद की समस्या को बढ़ाता है।स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ – जैसे स्लीप एपनिया, थायरॉयड या हार्मोनल बदलाव भी नींद में बाधा डाल सकते हैं। नींद न आने से होने वाले नुकसान मानसिक थकान – नींद पूरी न होने पर ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो जाता है और चिड़चिड़ापन बढ़ता है।शारीरिक कमजोरी – शरीर को आराम न मिलने से रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है।दिल की बीमारियाँ – रिसर्च बताती हैं कि लगातार नींद की कमी से हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है।मोटापा और डायबिटीज – पर्याप्त नींद न लेने से मेटाबॉलिज़्म प्रभावित होता है, जिससे मोटापा और डायबिटीज का रिस्क बढ़ता है। सुधारने के आसान उपाय सोने-जागने का समय तय करेंरोज़ाना एक ही समय पर सोने और उठने की आदत डालें। इससे बॉडी क्लॉक संतुलित रहती है।सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करेंसोने से कम से कम 1 घंटे पहले मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल बंद करें। चाहें तो किताब पढ़ें या हल्का संगीत सुनें।हल्का और संतुलित भोजन करेंदेर रात भारी भोजन करने से पाचन खराब होता है और नींद बाधित होती है। रात का खाना हल्का रखें।ध्यान और प्राणायाम करेंदिन में थोड़ी देर ध्यान या गहरी साँस लेने के अभ्यास से तनाव कम होता है और नींद जल्दी आती है।कैफीन और अल्कोहल से दूरी बनाएँचाय, कॉफी या शराब नींद के दुश्मन हैं। इन्हें खासकर शाम के बाद न लें।आरामदायक माहौल बनाएँबेडरूम को शांत, अंधेरा और ठंडा रखें। इससे नींद आने में आसानी होती है। नींद केवल एक आदत नहीं, बल्कि अच्छी सेहत की नींव है। अगर नींद की समस्याएँ लगातार बनी रहें, तो इन्हें हल्के में न लें। सही दिनचर्या, तनावमुक्त जीवन और संतुलित खान-पान से नींद की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है। याद रखें – गहरी और सुकूनभरी नींद ही असली हेल्थ टॉनिक है। स्क्रीन टाइम और आँखों की सेहत: मोबाइल और लैपटॉप से रोशनी कैसे बचाएँ? Health & Care Life Style