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नींद से जुड़ी समस्याएँ: कारण, नुकसान और बेहतर नींद पाने के आसान व प्राकृतिक उपाय

नींद से जुड़ी समस्याएँ

नींद से जुड़ी समस्याएँ

आज की व्यस्त जीवनशैली में नींद की समस्या एक आम परेशानी बन चुकी है। बहुत से लोग या तो देर से सोते हैं, बार-बार नींद टूट जाती है, या फिर सुबह उठने के बाद भी थकान महसूस करते हैं। नींद केवल आराम ही नहीं देती, बल्कि शरीर और दिमाग दोनों को स्वस्थ रखने के लिए बेहद ज़रूरी है। अगर नींद सही न मिले तो इसका असर सीधा सेहत पर पड़ता है।

नींद की कमी के आम कारण

  1. तनाव और चिंता – लगातार स्ट्रेस और चिंताओं के कारण दिमाग शांत नहीं हो पाता, जिससे नींद आने में दिक्कत होती है।
  2. मोबाइल और स्क्रीन का इस्तेमाल – सोने से पहले लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप देखने से ब्लू लाइट दिमाग को एक्टिव रखती है और नींद नहीं आती।
  3. अनियमित जीवनशैली – देर रात खाना, कैफीन का अधिक सेवन, या सोने-जागने का निश्चित समय न होना भी नींद की समस्या को बढ़ाता है।
  4. स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ – जैसे स्लीप एपनिया, थायरॉयड या हार्मोनल बदलाव भी नींद में बाधा डाल सकते हैं।

नींद न आने से होने वाले नुकसान

सुधारने के आसान उपाय

  1. सोने-जागने का समय तय करें
    रोज़ाना एक ही समय पर सोने और उठने की आदत डालें। इससे बॉडी क्लॉक संतुलित रहती है।
  2. सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करें
    सोने से कम से कम 1 घंटे पहले मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल बंद करें। चाहें तो किताब पढ़ें या हल्का संगीत सुनें।
  3. हल्का और संतुलित भोजन करें
    देर रात भारी भोजन करने से पाचन खराब होता है और नींद बाधित होती है। रात का खाना हल्का रखें।
  4. ध्यान और प्राणायाम करें
    दिन में थोड़ी देर ध्यान या गहरी साँस लेने के अभ्यास से तनाव कम होता है और नींद जल्दी आती है।
  5. कैफीन और अल्कोहल से दूरी बनाएँ
    चाय, कॉफी या शराब नींद के दुश्मन हैं। इन्हें खासकर शाम के बाद न लें।
  6. आरामदायक माहौल बनाएँ
    बेडरूम को शांत, अंधेरा और ठंडा रखें। इससे नींद आने में आसानी होती है।

नींद केवल एक आदत नहीं, बल्कि अच्छी सेहत की नींव है। अगर नींद की समस्याएँ लगातार बनी रहें, तो इन्हें हल्के में न लें। सही दिनचर्या, तनावमुक्त जीवन और संतुलित खान-पान से नींद की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है। याद रखें – गहरी और सुकूनभरी नींद ही असली हेल्थ टॉनिक है।

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