आज के डिजिटल दौर में मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल हर किसी की ज़रूरत बन गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज्यादा स्क्रीन टाइम आँखों के लिए कितना हानिकारक हो सकता है? लंबे समय तक स्क्रीन पर देखने से आँखों में दर्द, पानी आना, धुंधला दिखना और रोशनी पर असर पड़ता है। खासकर बच्चों की आँखों पर इसका प्रभाव और भी ज़्यादा पड़ता है।
मोबाइल और लैपटॉप से आँखों पर पड़ने वाले नुकसान
- आँखों में थकान और जलन
लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आँखों की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ जाता है। इससे थकान, जलन और सूखापन महसूस होता है। - ब्लू लाइट का असर
मोबाइल और लैपटॉप से निकलने वाली नीली रोशनी (Blue Light) आँखों की रेटिना को नुकसान पहुँचा सकती है और धीरे-धीरे नजर कमजोर हो सकती है। - धुंधला दिखना और सिरदर्द
लगातार स्क्रीन देखने से धुंधला दिखने की समस्या और बार-बार सिरदर्द होना आम है।
बच्चों की आँखों पर स्क्रीन का असर
- नजर कमजोर होना – छोटे बच्चों में स्क्रीन टाइम बढ़ने से मायोपिया (नज़दीक की चीजें साफ दिखना, दूर की धुंधली) की समस्या तेजी से बढ़ रही है।
- ध्यान केंद्रित करने की क्षमता घटाना – ज्यादा मोबाइल इस्तेमाल करने से बच्चे पढ़ाई और आउटडोर एक्टिविटी पर ध्यान नहीं दे पाते।
- नींद पर असर – देर रात मोबाइल देखने से बच्चों की नींद खराब होती है, जिससे उनकी ग्रोथ और सेहत प्रभावित होती है।
आँखों की रोशनी बचाने के आसान उपाय
- 20-20-20 नियम अपनाएँ
हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें। इससे आँखों पर दबाव कम होता है। - ब्लू लाइट फ़िल्टर का इस्तेमाल करें
मोबाइल और लैपटॉप में ‘ब्लू लाइट फ़िल्टर’ या ‘नाइट मोड’ ऑन करें। - बार-बार पलकें झपकाएँ
स्क्रीन पर ध्यान लगाकर हम पलकें झपकाना भूल जाते हैं। इससे आँखें सूखने लगती हैं। बार-बार पलक झपकाने से नमी बनी रहती है। - आँखों के लिए एक्सरसाइज़ करें
गोल-गोल आँखें घुमाएँ, हथेली को रगड़कर आँखों पर रखें और गहरी साँस लें। इससे आँखों की मांसपेशियों को आराम मिलता है। - संतुलित आहार लें
गाजर, हरी सब्जियाँ, पालक, बादाम और अखरोट आँखों की रोशनी के लिए बहुत लाभकारी हैं। - बच्चों का स्क्रीन टाइम सीमित करें
छोटे बच्चों को 1 घंटे से ज्यादा मोबाइल या लैपटॉप न दें। उनकी पढ़ाई और मनोरंजन के लिए किताबें, आउटडोर गेम्स और क्रिएटिव एक्टिविटी को बढ़ावा दें।
मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल हमारी ज़िंदगी का हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसका अत्यधिक प्रयोग आँखों की रोशनी पर बुरा असर डाल सकता है। बच्चों और बड़ों दोनों को स्क्रीन टाइम पर कंट्रोल करना चाहिए। सही आदतें अपनाकर और आँखों की देखभाल करके हम लंबे समय तक अपनी नजर को सुरक्षित रख सकते हैं।
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