कोलकाता में 4000 EVM जलीं, दिल्ली में शिक्षा मंत्रालय में आग — संयोग या साज़िश?
पिछले कुछ हफ्तों में दो ऐसी घटनाएँ हुई हैं जिन्होंने कई लोगों को चौंका दिया है। एक घटना कोलकाता की है, एक दिल्ली की — और दोनों की timing ऐसी है कि नज़रअंदाज़ करना मुश्किल है।
बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे आए। TMC सत्ता में लौटी। और उसके कुछ ही दिनों बाद — 10 जून 2026 को — कोलकाता के अलीपुर इलाके में South 24 Parganas Zilla Parishad की 10 मंज़िला सरकारी इमारत में भीषण आग लग गई।
अब आग लगना तो हादसा हो सकता है — लेकिन इस आग का तरीका खुद अधिकारियों को भी हैरान कर रहा है।
मंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि आग नीचे के floors से शुरू होकर बीच के floors को बिना नुकसान पहुँचाए सीधे ऊपरी floors तक कैसे पहुँची — जहाँ EVM रखी थीं। FIR दर्ज हो चुकी है, forensic जाँच चल रही है। वह इमारत उस TMC नेता Jahangir Khan का दफ्तर भी था जो इस वक्त गिरफ्तार हैं।
इससे पहले — 1 जून 2026 को — दिल्ली के ITO इलाके में School of Planning and Architecture campus स्थित शिक्षा मंत्रालय के दफ्तर में आग लग गई। Delhi Fire Service को सुबह 9:37 बजे call आई, 8 fire tenders भेजे गए।
यह ज़रूर स्पष्ट करना ज़रूरी है कि Ministry of Education का मुख्य दफ्तर Kartavya Bhavan में है — आग वहाँ नहीं लगी थी। लेकिन SPA campus में जो हिस्सा जला, वह ministry का ही दफ्तर था। वहाँ कौन से documents थे, यह अभी तक किसी ने सार्वजनिक नहीं किया।
यहाँ किसी पर सीधा आरोप नहीं है। forensic रिपोर्ट आनी बाकी है। जाँच जारी है। लेकिन एक जागरूक नागरिक को यह सवाल पूछने का अधिकार है —
जब तक forensic रिपोर्ट नहीं आती, कुछ भी confirm नहीं किया जा सकता। लेकिन जब records से जुड़ी जगहों पर — और वो भी ठीक विवाद के वक्त — आग लगे, तो सवाल पूछना न सिर्फ जायज़ है, बल्कि ज़रूरी है।
