भारत में एक अजीब pattern दिखाई दे रहा है। जब भी किसी बड़े सरकारी विवाद पर सवाल उठते हैं — चाहे वो EVM हो, चाहे शिक्षा व्यवस्था — ठीक उसी दौर में किसी न किसी सरकारी इमारत में आग लग जाती है। संयोग हो सकता है। लेकिन एक जागरूक नागरिक होने के नाते सवाल पूछना हमारा हक भी है और ज़िम्मेदारी भी।
पिछले कुछ हफ्तों में दो ऐसी घटनाएँ हुई हैं जिन्होंने कई लोगों को चौंका दिया है। एक घटना कोलकाता की है, एक दिल्ली की — और दोनों की timing ऐसी है कि नज़रअंदाज़ करना मुश्किल है।
📍 पहली घटना — कोलकाता, 10 जून 2026
बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे आए। TMC सत्ता में लौटी। और उसके कुछ ही दिनों बाद — 10 जून 2026 को — कोलकाता के अलीपुर इलाके में South 24 Parganas Zilla Parishad की 10 मंज़िला सरकारी इमारत में भीषण आग लग गई।
📊 verified facts — Business Standard, Scroll.in
इस हादसे में करीब 4,000 EVM मशीनें जलकर खाक हो गईं जो हाल ही के बंगाल चुनाव में 10 विधानसभा क्षेत्रों में इस्तेमाल हुई थीं। आग बुझाने में 24 घंटे से ज़्यादा लगे और 10 से अधिक fire tenders तैनात करने पड़े।
अब आग लगना तो हादसा हो सकता है — लेकिन इस आग का तरीका खुद अधिकारियों को भी हैरान कर रहा है।
“यह आग सामान्य नहीं लगती। हम sabotage की संभावना जाँच रहे हैं। यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि आग नौवें-दसवें floor तक कैसे पहुँची।”
— कौशिक चौधरी, राज्य अग्निशमन मंत्री, पश्चिम बंगाल (Business Standard)
मंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि आग नीचे के floors से शुरू होकर बीच के floors को बिना नुकसान पहुँचाए सीधे ऊपरी floors तक कैसे पहुँची — जहाँ EVM रखी थीं। FIR दर्ज हो चुकी है, forensic जाँच चल रही है। वह इमारत उस TMC नेता Jahangir Khan का दफ्तर भी था जो इस वक्त गिरफ्तार हैं।
📍 दूसरी घटना — दिल्ली, 1 जून 2026
इससे पहले — 1 जून 2026 को — दिल्ली के ITO इलाके में School of Planning and Architecture campus स्थित शिक्षा मंत्रालय के दफ्तर में आग लग गई। Delhi Fire Service को सुबह 9:37 बजे call आई, 8 fire tenders भेजे गए।
📊 context — The Wire, The Federal
उस वक्त शिक्षा मंत्रालय दो बड़े विवादों के केंद्र में था — CBSE का On-Screen Marking (OSM) घोटाला, जिसमें लाखों बच्चों के नंबर गलत निकले, और NEET-UG 2026 paper leak, जिसमें परीक्षा रद्द करनी पड़ी।
यह ज़रूर स्पष्ट करना ज़रूरी है कि Ministry of Education का मुख्य दफ्तर Kartavya Bhavan में है — आग वहाँ नहीं लगी थी। लेकिन SPA campus में जो हिस्सा जला, वह ministry का ही दफ्तर था। वहाँ कौन से documents थे, यह अभी तक किसी ने सार्वजनिक नहीं किया।
“शिक्षा मंत्रालय के दफ्तर में आग की खबर बेहद चिंताजनक है। यह बहुत ‘fishy’ भी लगती है।”
— जयराम रमेश, Congress नेता, X (Twitter) पर (The Federal)
🔍 तो सवाल क्या है?
यहाँ किसी पर सीधा आरोप नहीं है। forensic रिपोर्ट आनी बाकी है। जाँच जारी है। लेकिन एक जागरूक नागरिक को यह सवाल पूछने का अधिकार है —
🤔 वे सवाल जो उठने चाहिए:
चुनाव खत्म होते ही जिन EVM को सुरक्षित रखा जाना था, वो एक TMC नेता के दफ्तर वाली इमारत में क्यों थीं? Election Commission का protocol क्या कहता है? • आग जब तीसरे floor से शुरू हुई तो बीच के floor छोड़कर सीधे EVM वाले floor तक कैसे पहुँची? • शिक्षा मंत्रालय के दफ्तर में आग ठीक उसी वक्त क्यों लगी जब दो बड़े exam घोटाले चरम पर थे? • क्या यह सब महज़ इत्तेफाक है — या इत्तेफाक की आड़ में कुछ और?
जब तक forensic रिपोर्ट नहीं आती, कुछ भी confirm नहीं किया जा सकता। लेकिन जब records से जुड़ी जगहों पर — और वो भी ठीक विवाद के वक्त — आग लगे, तो सवाल पूछना न सिर्फ जायज़ है, बल्कि ज़रूरी है।