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Pahadi Recipe Arse: उत्तराखंड में बनाये जाते हैं पहाड़ी मिठाई अरसे, जानें अरसे बनाने की विधि

Laxmi Nautiyal, February 19, 2024February 19, 2024

Pahadi Recipe Arse: नमस्कार, दोस्तों आजकल हर कोई उत्तराखंड जानें की चाह रखता है, क्योंकि उत्तराखंड न केवल देवभूमि के रूप में जाना जाता है, बल्कि यह अपनी सुंदरता और विभिन्न प्रकार के पकवानों के कारण भी जाना जाता है। यहाँ भिन्न भिन्न त्योहारों और मौकों पर अलग अलग पकवान पकाये जाते हैं। ऐसे ही एक स्वादिस्ट मिठाई के बारे में हम आज आपको बताना चाहते हैं। क्या आपने पहाड़ी मिठाई अरसे के बारे में सुना है। यदि नहीं तो आईये आपको इसके बारे में जानकारी देते हैं। इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको अरसे के विषय में पूरी जानकारी देंगे।

क्या होते हैं अरसे

दोस्तों अरसे गुड़ और चावल से मिलकर बनाई जाने वाली एक पहाड़ी मिठाई है। यह मिठाई शादी या अन्य शुभ कार्यों में बनाई जाती है। वैसे तो इसको कभी भी बना सकते हैं। लेकिन माघ के महीने इसका एक विशेष किरदार रहता है। जी हाँ इस महीने सभी अपनी घर की बेटी या बहन को मायके (माँ का घर) बुलाकर उनके लिए भेंट या उपहार के रूप में अरसे बनाये जाते हैं। फिर उनको ससुराल के लिए विदा किया जाता है। पहाड़ में यह रिवाज काफी पुराना है।

कैसे बनते हैं अरसे

आईये आपको स्टेप बाय स्टेप बताते हैं कि अरसे कैसे बनाये जाते हैं।

  • सबसे पहले आपने 5 से 6 घंटों के लिए चावल को भीगा देना है। आप घर के चावल या देशी चावल दोनों में से किसी का भी उपयोग कर सकते हैं।
  • इसके बाद आपको चावल को धोकर इसको कॉटन के कपडे पर रख देना है। ताकि इसका सारा पानी सूख जाए।
  • पानी सूखने के बाद आपको इसे ओखली में कूटना है। यदि आप चक्की में कूटना चाहते हो तो कूट सकते हैं।
  • और अगर आपके भिगाये हुए चावल की मात्रा कम है तो आपको इसको मिक्सी पर भी पीस सकते हैं।
  • बारीक पीसे इस चावल को पहाड़ी भाषा में पिट्ठू कहा जाता है।
  • इसके बाद चूल्हा लगाकर कढ़ाई में गुड़ को पिघलाते हैं। जिसे ताग कहा जाता है।
  • गुड़ को अच्छे से पकाकर इसमें बारीक पीसे हुए चावल अर्थात पिट्ठू को डाला जाता है।
  • डालते डालते इसको करछी से हिलाते भी रहना है। जिससे यह गुड़ में अच्छे से मिल जाये।
  • इसके बाद इसको ठंडा करने के लिए छोड़ देते हैं। पहाड़ी भाषा में इसे अड़स्वाड़ी कहा जाता है।
  • इतने में चूल्हे पर कढ़ाई में तेल गर्म किया जाता है।
  • फिर अड़स्वाड़ी की छोटी छोटी लोई बनाकर इस गर्म तेल में डाली जाती है। आप छोटी या बड़ी किसी भी आकर की बना सकते हैं।
  • इसको सुनहरा होने तक पकने दें और फिर बहार निकल लें।
  • इस प्रकार तैयार हो जाती है यह स्वादिस्ट पहाड़ी मिठाई अरसे।

अरसे बनाते समय ध्यान देने योग्य बातें

  • चावल को खूब भीगने दें, उन्हें सूखा न रखें।
  • चावल को बारीक पीसे, मोठे पीसने से अरसे ख़राब हो सकते हैं।
  • गुड़ की मात्रा का विशेष ध्यान रखें, गुड़ की मात्रा अधिक होने में अरसे कठोर हो जाते हैं।
  • कढ़ाई में तलते समय ध्यान रखें कहीं अरसे जल न जाएँ। वर्ण ये स्वाद में कड़वे हो सकते हैं।

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