मोदी सरकार के 12 साल: गैस महंगी, NEET लीक, अस्पताल बेहाल — अच्छे दिन कब आएंगे? एक जागरूक नागरिक, June 10, 2026June 10, 2026 मोदी सरकार के 12 साल: जश्न सरकार का, सवाल जनता के | Modi Government 12 Years आज 10 जून 2026 को मोदी सरकार के 12 साल पूरे हो गए। दिल्ली के भारत मंडपम में NDA का बड़ा जश्न है, 22 राज्यों के मुख्यमंत्री जुटे हैं और उपलब्धियों की लंबी list तैयार है। लेकिन उसी वक्त एक आम घर में गैस सिलेंडर रखा है जिसकी कीमत पिछले तीन महीनों में ₹100 से ज़्यादा बढ़ चुकी है — और पड़ोस के बच्चे का NEET का सपना एक बार फिर पेपर लीक की भेंट चढ़ गया है। सवाल यह नहीं है कि 12 साल हुए या नहीं। सवाल यह है कि इन 12 सालों में आम आदमी की ज़िंदगी कितनी आसान हुई? ज़मीनी हकीकत — numbers में ₹942 दिल्ली में LPG सिलेंडर की कीमत — ₹29 की ताज़ा बढ़ोतरी के बाद, 3 महीनों में ₹89 महंगा स्वास्थ्य & शिक्षा पूरे देश में किसी से छुपा नहीं है। सरकारी schools और सरकारी hospitals के हाल इतने बुरे हैं कि लोग वहाँ जाने को राजी नहीं। NEET 2026 — पिछले 10 सालों में करीब 90 पेपर लीक हो गए और फिर पेपर लीक, फिर वही कहानी 0/10 MSCI Top 10 में से एक भी भारतीय कंपनियां नहीं हैं — 26 सालों में ऐसा पहली बार सरकार रिकॉर्ड तोड़ रही है दिनों के, जनता रिकॉर्ड तोड़ रही है महंगाई झेलने के। — एक जागरूक नागरिक की बात शिक्षा और अस्पताल — दो बड़े झूठ अगर किसी देश की रीढ़ टूटनी हो तो सबसे पहले उसकी शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को खोखला करो। और यही हो रहा है। ⚠️ यह हाल है हमारे सिस्टम का NEET पेपर लीक — हर साल नया scandal, लाखों बच्चों का भविष्य दांव पर CBSE पर साइबर अटैक — 3 जून को re-evaluation portal हैक होने की कोशिश 12वीं के रिजल्ट रुके हैं — Supreme Court ने CBSE से जवाब माँगा है सरकारी अस्पताल — दवाएं नहीं, डॉक्टर नहीं, बेड नहीं — बस लाइन है प्राइवेट अस्पताल — इलाज नहीं, लूट है। एक बीमारी पूरे परिवार को तोड़ देती है जिस देश में एक गरीब बाप अपने बच्चे को डॉक्टर बनाने के लिए ज़मीन बेचे और पेपर लीक हो जाए — वहाँ 12 साल का जश्न किसके लिए है? ✦ ✦ ✦ 💡 ज़रा सोचिए Electric vehicles की बिक्री मई 2026 में रिकॉर्ड 11% पहुँच गई। मतलब — जनता खुद समझ गई है कि पेट्रोल-डीजल पर भरोसा करना फायदेमंद नहीं। जब सरकार नहीं बदलती, तो जनता खुद रास्ता निकाल लेती है। तो अब क्या करें हम? जश्न मनाने दीजिए उन्हें। लेकिन हम — आम नागरिक — अपने हक के सवाल पूछना बंद मत करें। RTI डालो, vote करो सोच-समझकर, और सबसे ज़रूरी — जागरूक रहो। क्योंकि जब जनता जागती है, तब सरकार को जवाब देना पड़ता है। और यही लोकतंत्र की असली ताकत है। 🔔 यह article अपने दोस्तों और family के साथ share करें 💬 WhatsApp 𝕏 Tweet 👍 Facebook 🔗 Link Copy Facts Information News Article Post navigation Previous postNext post Leave a Reply Cancel replyYour email address will not be published. Required fields are marked *Comment * Name * Email * Website Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment. Δ