दिल्ली में लाल क़िला विस्फोट: राजधानी को दहलाने वाली घटना, जांच में कई अहम सुराग़ Hindi News, November 11, 2025November 11, 2025 दिल्ली के ऐतिहासिक लाल क़िले के पास हुआ कार विस्फोट पूरे देश को झकझोर गया है। यह घटना 10 नवंबर 2025 की शाम को हुई, जब भारी भीड़ के बीच एक कार में अचानक तेज धमाका हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास खड़ी गाड़ियों के शीशे चकनाचूर हो गए और कई लोग घायल हो गए। फिलहाल, दिल्ली पुलिस, एनआईए और फॉरेंसिक टीम मिलकर इस मामले की जांच में जुटी हैं। घटना का विवरण प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़, शाम करीब 6 बजे लाल क़िले के पास एक सफेद रंग की कार खड़ी थी। कुछ ही मिनटों में उस कार में ज़ोरदार धमाका हुआ, जिससे आसपास अफरातफरी मच गई। पुलिस और दमकल विभाग ने तुरंत मौके पर पहुँचकर आग पर काबू पाया।पहली जांच में यह बात सामने आई है कि कार में अमोनियम नाइट्रेट जैसे उच्च विस्फोटक पदार्थ का इस्तेमाल किया गया था। इस धमाके में अब तक तीन लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की खबर है। घायलों को पास के एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई धमाके के बाद दिल्ली पुलिस ने लाल क़िले और आस-पास के सभी इलाकों को घेर लिया। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि कार वहाँ कब और कैसे पहुंची।एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) ने मामले को अपने हाथ में ले लिया है। शुरुआती जांच में यह शक जताया जा रहा है कि यह आतंकी साजिश हो सकती है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी संगठन का नाम नहीं लिया है। सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया गृह मंत्री अमित शाह ने घटना पर गहरा दुख जताया और कहा कि “दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।” दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि “ऐसी घटना राजधानी के दिल में होना बेहद चिंताजनक है।”प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से भी बयान जारी किया गया है कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों को पूरी सहायता दे रही है। स्थानीय लोगों में दहशत इस घटना ने दिल्लीवासियों के मन में डर बैठा दिया है। लाल क़िला एक ऐतिहासिक और भीड़भाड़ वाला क्षेत्र है, जहां रोज़ाना हजारों पर्यटक आते हैं। धमाके के बाद आसपास की दुकानों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। कुछ लोगों ने कहा कि सुरक्षा जांच पहले जैसी सख्त नहीं रही थी, जिसे अब फिर से बढ़ाने की ज़रूरत है। संभावित कारण और जांच की दिशा फॉरेंसिक रिपोर्ट में यह संकेत मिले हैं कि कार में टाइमर डिवाइस लगाया गया था। जांच एजेंसियाँ अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि धमाके का उद्देश्य सिर्फ डर फैलाना था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी है।दिल्ली पुलिस ने संदिग्धों की तलाश के लिए स्पेशल सेल को तैनात किया है, और कई शहरों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। लाल क़िले के पास हुआ यह विस्फोट एक बार फिर दिखाता है कि आतंकवाद से लड़ाई अभी भी खत्म नहीं हुई है। यह घटना न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी बताती है कि देश को अपनी खुफिया प्रणाली और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है।अब सबकी निगाहें जांच एजेंसियों पर हैं कि वे इस घटना की सच्चाई कितनी जल्दी और गहराई से सामने ला पाती हैं। News Article