Skip to content
Thehindinews
Thehindinews

  • Home
  • News Article
  • Story
  • Information
  • blog
  • Life Style
  • About Us
  • Contact
Thehindinews
Thehindinews

दिल्ली में महिला सुरक्षा पर उबाल सड़कों पर उतरे छात्र, सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान

दिल्ली में महिला सुरक्षा पर उबाल: सड़कों पर उतरे छात्र, सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान

Laxmi Nautiyal, September 29, 2026September 29, 2026
दिल्ली में महिला सुरक्षा पर उबाल: सड़कों पर छात्र, सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान

आस्था कुंज पार्क कांड के बाद DU से संसद के पास तक प्रदर्शन, उपराज्यपाल ने गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए

मुख्य बातें

  • 21 सितंबर को आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय किशोरी से कथित सामूहिक दुष्कर्म, तीन आरोपी न्यायिक हिरासत में
  • DU और Press Club of India के पास प्रदर्शन, राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़ रहीं महिलाएं हिरासत में
  • सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर को स्वतः संज्ञान जनहित याचिका दर्ज करने को कहा
  • LG ने पार्कों में रोशनी, सुरक्षा और गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए

राजधानी दिल्ली में महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर आक्रोश सड़कों पर है। आस्था कुंज पार्क में एक किशोरी से कथित सामूहिक दुष्कर्म के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से लेकर संसद भवन के पास तक प्रदर्शन हो रहे हैं। मामला इतना गंभीर माना गया कि सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को खुद संज्ञान ले लिया।

क्या है आस्था कुंज मामला

21 सितंबर की शाम कालकाजी मंदिर के पास स्थित आस्था कुंज पार्क में 17 साल की किशोरी के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म हुआ। वह अपने जन्मदिन पर मंदिर दर्शन के बाद एक दोस्त के साथ पार्क गई थी। FIR के मुताबिक आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर दोनों को धमकाया।

दिल्ली पुलिस ने आसिफ और हेमंत समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। 300 से ज्यादा CCTV कैमरे खंगाले गए और अदालत ने 24 सितंबर को तीनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। फोरेंसिक, डिजिटल और गवाहों के बयानों की जांच जारी है। रिपोर्टों के अनुसार पार्क के कुछ हिस्सों में निगरानी और रोशनी की कमी थी।

इससे कुछ दिन पहले, 13 सितंबर को, स्वरूप नगर में 16 साल की एक किशोरी का शव मिला था। पुलिस के मुताबिक उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या की गई। इस मामले में एक 19 वर्षीय युवक गिरफ्तार हुआ और तीन नाबालिग पकड़े गए।

सड़कों पर गुस्सा

घटना के बाद 23 सितंबर से छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। 25 सितंबर को SFI ने DU North Campus में “दिल्ली को फिर सुरक्षित बनाएं” मार्च निकाला, वहीं ABVP ने कुलपति कार्यालय के बाहर सांकेतिक प्रदर्शन कर पुलिस, विश्वविद्यालय प्रशासन और दिल्ली सरकार से कड़े कदम उठाने की मांग की। संगठनों ने LSR College के पास की घटना, विजय नगर में छेड़छाड़ और JNU में बाहरी तत्वों की शिकायतों का भी हवाला दिया।

इसी बीच संसद के सामने Press Club of India के पास महिला संगठनों और नागरिकों ने प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़ रहीं प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के इस्तीफे की मांग भी की। सोमवार को DU में महिलाओं की अगुवाई में फिर मार्च निकला।

छात्राओं का कहना है कि समस्या महिलाओं के बाहर निकलने में नहीं, अपराधियों की मानसिकता और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था में है।

रिपोर्टों के अनुसार शाम 7 बजे के बाद कुछ पार्कों में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी जैसे कदमों का भी छात्राओं ने विरोध किया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सार्वजनिक जगहों को सुरक्षित बनाया जाए, महिलाओं को घर या हॉस्टल तक सीमित न किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती

28 सितंबर को न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने दिल्ली-NCR में हुई घटनाओं का स्वतः संज्ञान लिया। कोर्ट ने आस्था कुंज, स्वरूप नगर और ग्रेटर नोएडा से दिल्ली तक 47 किलोमीटर चली स्लीपर बस में नाबालिग से कथित यौन उत्पीड़न का जिक्र करते हुए कहा कि ये घटनाएं कानून-प्रवर्तन की व्यवस्थागत विफलता दिखाती हैं।

नोटिस दिल्ली के मुख्य सचिव, पुलिस आयुक्त और हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भेजा गया है। गृह मंत्रालय से पूछा गया है कि यौन अपराधों की जांच की समय-सीमा पर नजर रखने वाले ट्रैकिंग सिस्टम का इस्तेमाल कैसे हो रहा है। कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि दिल्ली में Mission Shakti कैसे काम कर रहा है। कोर्ट ने साफ कहा कि सिर्फ चिंता जताना काफी नहीं, जवाबदेही जरूरी है। साथ ही स्पष्ट किया कि यह कार्यवाही आरोपियों का दोष तय करने के लिए नहीं है।

प्रशासन और राजनीति

उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने 23 सितंबर को सभी पार्कों का सुरक्षा ऑडिट कराने का आदेश दिया। 28 सितंबर की समीक्षा बैठक में उन्होंने गश्त बढ़ाने, बेहतर रोशनी और संस्थानों से संवाद के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा के नाम पर पार्क बंद नहीं किए जाएंगे। DDA के 300 पार्कों का ऑडिट इसी हफ्ते पूरा होना है। उधर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर निशाना साधा है।

निर्भया कांड के 14 साल बाद भी राजधानी की महिलाएं वही सवाल पूछ रही हैं: सुरक्षा के वादे जमीन पर कब दिखेंगे?

पीड़ितों की पहचान गोपनीय रखी गई है। आरोप पुलिस जांच पर आधारित हैं और अदालत में सिद्ध नहीं हुए हैं।

Information News Article

Post navigation

Previous post

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement

Author Name

एक जागरूक नागरिक

Becoming an aware citizen is everyone's responsibility.

social link

  • Facebook
  • Twitter
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
« Jul    
  • September 29, 2026 by Laxmi Nautiyal दिल्ली में महिला सुरक्षा पर उबाल: सड़कों पर उतरे छात्र, सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
  • July 7, 2026 by Laxmi Nautiyal गरीबी की जड़ ज़्यादा बच्चे या कम संसाधन? पूरा सच जानिए
  • July 6, 2026 by Laxmi Nautiyal दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे में सिर्फ 79 दिन में गड्ढे — ₹12,000 करोड़ गए कहां?
  • June 20, 2026 by Laxmi Nautiyal अमेरिका में Data Centers बैन, भारत में खुली छूट — पानी का संकट किसे दिखता नहीं?
  • June 19, 2026 by Laxmi Nautiyal भारत में AIIMS का इतिहास: 1956 से 2026 तक कब बने, किसने बनाए, कितने बने
  • दिल्ली में महिला सुरक्षा पर उबाल: सड़कों पर उतरे छात्र, सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
  • गरीबी की जड़ ज़्यादा बच्चे या कम संसाधन? पूरा सच जानिए
  • दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे में सिर्फ 79 दिन में गड्ढे — ₹12,000 करोड़ गए कहां?
  • अमेरिका में Data Centers बैन, भारत में खुली छूट — पानी का संकट किसे दिखता नहीं?
  • भारत में AIIMS का इतिहास: 1956 से 2026 तक कब बने, किसने बनाए, कितने बने

Advertisement




©2026 Thehindinews | WordPress Theme by SuperbThemes
Go to mobile version