दिल्ली एयरपोर्ट पर तकनीकी खराबी से हज़ारों यात्री परेशान: 800 से अधिक उड़ानें प्रभावित Hindi News, November 8, 2025November 8, 2025 दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुक्रवार को तकनीकी खराबी के कारण हज़ारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम में आई इस गड़बड़ी की वजह से उड़ानों का संचालन कई घंटों तक बाधित रहा। रिपोर्टों के अनुसार, करीब 800 से अधिक उड़ानें देरी से चलीं, जबकि कई को रद्द भी करना पड़ा। तकनीकी समस्या के कारण उड़ानों पर असर सुबह के समय एयर ट्रैफिक सिस्टम में अचानक तकनीकी समस्या आने के बाद कई विमानों को उड़ान भरने और उतरने की अनुमति नहीं मिल सकी। इस वजह से रनवे पर लंबी कतारें लग गईं। एयरलाइंस कंपनियों ने यात्रियों से धैर्य बनाए रखने की अपील की और कहा कि तकनीकी टीम लगातार समस्या को ठीक करने में जुटी हुई है। इस बीच, कुछ उड़ानों को दूसरे नज़दीकी एयरपोर्ट्स जैसे जयपुर और लखनऊ की ओर डायवर्ट भी किया गया। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें समय पर कोई सूचना नहीं दी गई। यात्रियों की परेशानी और एयरलाइंस की सफाई दिल्ली एयरपोर्ट पर स्थिति बिगड़ने के बाद यात्रियों की भीड़ बढ़ती गई। कई यात्रियों को घंटों तक एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा। बच्चों और बुजुर्गों के साथ यात्रा करने वालों के लिए स्थिति और भी मुश्किल हो गई। वहीं, एयरलाइंस कंपनियों ने कहा कि खराबी उनके नियंत्रण से बाहर थी। सभी उड़ानों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है, और जब तक सिस्टम पूरी तरह सामान्य नहीं हो गया, तब तक किसी उड़ान को अनुमति नहीं दी गई। अधिकारियों ने दिए जांच के आदेश एविएशन मंत्रालय ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी खराबी के असली कारणों का पता लगाया जा रहा है ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न हो। विशेषज्ञों के मुताबिक, एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम किसी भी हवाई अड्डे का सबसे अहम हिस्सा होता है। इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी सीधे उड़ानों की सुरक्षा और समय पर असर डालती है। भविष्य के लिए सबक यह घटना इस बात की ओर इशारा करती है कि भारत के प्रमुख हवाई अड्डों में तकनीकी संरचना को और मज़बूत करने की आवश्यकता है। तेजी से बढ़ती हवाई यातायात संख्या के बीच अब यह ज़रूरी हो गया है कि एयरपोर्ट के तकनीकी सिस्टम को नियमित रूप से अपग्रेड किया जाए। इस तरह की घटनाएँ न केवल यात्रियों की असुविधा बढ़ाती हैं बल्कि भारत की विमानन सेवा की साख पर भी असर डालती हैं। इसलिए यह ज़रूरी है कि प्रशासन इस मामले से सबक लेकर सिस्टम को और सुरक्षित तथा भरोसेमंद बनाए। News Article