धरती आबा बिरसा मुंडा — वो आदिवासी नायक जिसने 24 साल की उम्र में अंग्रेज़ों की नींव हिला दी Laxmi Nautiyal, June 9, 2026June 9, 2026 धरती आबा बिरसा मुंडा — 24 साल की उम्र में जो कर गए, वो इतिहास बन गया धरती आबा की कहानी एक ऐसा इंसान जो सिर्फ 24 साल जिया — लेकिन इतने कम वक्त में इतना कर गया कि आज भी पूरा झारखंड, पूरा आदिवासी समाज उन्हें भगवान की तरह पूजता है। नाम है बिरसा मुंडा — और लोग उन्हें प्यार से कहते हैं “धरती आबा” यानी धरती के पिता। 🗓️ जन्म 15 नवंबर 1875, उलिहातु गांव, झारखंड। मुंडा आदिवासी परिवार में। ⚔️ आंदोलन “उलगुलान” — महाविद्रोह। अंग्रेजों और जमींदारों के खिलाफ हथियार उठाए। 🕊️ निधन 9 जून 1900। रांची जेल में। सिर्फ 24 साल की उम्र में। 🏛️ विरासत झारखंड राज्य उनके जन्मदिन 15 नवंबर को बना। संसद में प्रतिमा लगी है। अंग्रेजों से लड़ाई क्यों? उस वक्त अंग्रेज़ और जमींदार आदिवासियों की ज़मीन छीन रहे थे। जल, जंगल, ज़मीन — जो सदियों से आदिवासियों का था — वो एक-एक करके हाथ से निकल रहा था। बिरसा मुंडा ने देखा कि उनके लोग गुलाम बनाए जा रहे हैं। उन्होंने ठान लिया — यह नहीं चलेगा। उलगुलान — महाविद्रोह 1899-1900 में बिरसा मुंडा ने “उलगुलान” यानी महाविद्रोह का ऐलान किया। हज़ारों आदिवासियों को एकजुट किया, तीर-धनुष उठाए और अंग्रेज़ों की सत्ता को सीधी चुनौती दी। उनके followers इतने devoted थे कि लोग मानते थे उनके हाथों में चमत्कारी शक्ति है — इसीलिए वो भगवान बन गए अपने लोगों के लिए। जल, जंगल, ज़मीन हमारी है — यह नारा बिरसा मुंडा ने दिया। आज भी यही नारा आदिवासी आंदोलनों की आत्मा है। 25 साल में खत्म हो गई कहानी? अंग्रेज़ों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। 9 जून 1900 को रांची जेल में उनका निधन हो गया — कहा जाता है जेल में ज़हर दिया गया। शरीर गया, लेकिन आवाज़ नहीं गई। 🌿 उनकी विरासत आज भी जिंदा है झारखंड राज्य उनके जन्मदिन 15 नवंबर को 2000 में बना। जनजातीय गौरव दिवस हर साल 15 नवंबर को मनाया जाता है। रांची airport का नाम बिरसा मुंडा Airport है। संसद भवन में उनकी प्रतिमा लगाई गई है। “जल, जंगल, ज़मीन” का नारा आज भी आदिवासी आंदोलनों की आत्मा है। बिरसा मुंडा सिर्फ एक नाम नहीं — एक सोच हैं। एक याद दिलाते हैं कि अगर नीयत साफ हो और लड़ाई सच्ची हो — तो उम्र कम होने से कोई फर्क नहीं पड़ता। धरती आबा को सलाम। 🙏 इस महान इंसान की कहानी ज़्यादा लोगों तक पहुंचनी चाहिए — share करिए। 🌿 WhatsApp Twitter / X Facebook Link Copy करें Information News Article