उत्तराखंड का निर्माण: संघर्ष, पहचान और बदलाव की कहानी Hindi News, November 9, 2025November 9, 2025 उत्तराखंड, भारत का एक खूबसूरत पहाड़ी राज्य है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक महत्व और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। लेकिन इस राज्य के बनने की कहानी केवल भौगोलिक नहीं, बल्कि संघर्ष और पहचान की कहानी भी है। उत्तराखंड कब और कैसे बना राज्य उत्तराखंड का गठन 9 नवम्बर 2000 को हुआ था। इससे पहले यह इलाका उत्तर प्रदेश का हिस्सा था। लंबे समय तक लोगों की यह मांग रही कि पहाड़ी इलाकों की अपनी अलग पहचान और प्रशासनिक व्यवस्था हो, क्योंकि मैदान और पहाड़ की ज़रूरतें एक जैसी नहीं थीं। पहाड़ी क्षेत्रों में जीवन कठिन था — शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोज़गार के साधन कम थे। इसी कारण लोगों ने अलग राज्य की मांग की। धीरे-धीरे यह आंदोलन बड़ा हुआ और 1990 के दशक में यह एक मजबूत जनआंदोलन बन गया। आखिरकार, केंद्र सरकार ने लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 पारित किया, और इस तरह उत्तराखंड एक नया राज्य बनकर भारत के नक्शे में दर्ज हुआ। शुरुआत में नाम क्यों रखा गया उत्तरांचल जब राज्य बना तो इसका नाम उत्तरांचल रखा गया। यह नाम उस समय की सरकार ने सुझाया था, ताकि राज्य का नाम “शांत और आध्यात्मिक” छवि वाला लगे। लेकिन लोगों को लगा कि “उत्तरांचल” नाम उनकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को पूरी तरह नहीं दर्शाता। उत्तरांचल से उत्तराखंड क्यों बना लोगों की मांग पर राज्य का असली नाम “उत्तराखंड” रखने की पहल हुई। “उत्तराखंड” शब्द का उल्लेख प्राचीन ग्रंथों और पुराणों में मिलता है, जिसका अर्थ है “देवभूमि का उत्तरी भाग।”लोगों का मानना था कि यह नाम इस क्षेत्र की संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिकता से अधिक जुड़ा हुआ है। इसलिए 1 जनवरी 2007 को आधिकारिक रूप से राज्य का नाम “उत्तराखंड” कर दिया गया। राज्य की राजधानी और पहचान राज्य की अस्थायी राजधानी देहरादून बनाई गई, जबकि गैरसैंण को भविष्य की स्थायी राजधानी के रूप में चुना गया, ताकि पहाड़ और मैदान दोनों का संतुलन बना रहे।आज उत्तराखंड अपनी धार्मिक स्थलों जैसे केदारनाथ, बद्रीनाथ, हरिद्वार और गंगोत्री-यमुनोत्री के लिए “देवभूमि” के नाम से प्रसिद्ध है। उत्तराखंड का निर्माण केवल एक राजनीतिक कदम नहीं था, बल्कि यह पहाड़ों की जनता के संघर्ष, उम्मीद और आत्मसम्मान की जीत थी।आज भी यह राज्य अपनी संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्व के साथ पूरे भारत की शान बना हुआ है। Information News Article