उत्तरकाशी: उत्तरकाशी जिले के जोशियाड़ा बैराज के पास पत्रकार राजीव प्रताप का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। राजीव प्रताप उत्तरकाशी के एक स्थानीय प्लेटफ़ॉर्म ‘दिल्ली उत्तराखंड लाइव’ से जुड़े थे और स्थानीय सामाजिक मुद्दों को उजागर करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे थे।
घटना की जानकारी
सूत्रों के अनुसार, राजीव प्रताप रविवार की सुबह जोशियाड़ा बैराज के पास मृत पाए गए। पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। आपको बता दें कि राजीव प्रताप कुछ दिनों से लापता चल रहे हैं। उनके लापता होने के बाद 10वें दिन रविवार को उनका मृत शरीर मिला है।
राजीव प्रताप उत्तरकाशी जिले के अस्पताल की बदहाली पर रिपोर्टिंग कर चुके थे। उन्होंने अस्पताल में चल रहे भ्रष्टाचार और सुविधाओं की कमी पर वीडियो भी बनाई थी। उनका कहना था कि अस्पताल में लोगों के साथ हो रहे अनुचित व्यवहार को उजागर करना जरूरी है।
कुछ दिनों से मिल रही थी धमकियाँ
उनकी अस्पताल पर बनाई वीडियो सोशल मीडिया में भी खूब चल रही थी। 18 सितम्बर की रात बिना किसी को खबर किये पत्रकार घर से गायब हो गए। बताया जा रहा है कि वह अपने दोस्त की कार लेकर गए थे जो कि अगली सुबह भागीरथी की किनारे मिली। अपनी निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता से वो मशहूर थे,उनकी पत्नी ने बताया कि राजीव को पिछले कुछ समय से धमकियाँ मिल रही थीं।
आखिर ये देश में हो क्या रहा है। जो भी आवाज उठाता है उसको दबाने की इतनी गहरी साजिस क्यों चली जा रही है। यह एक गंभीर सोचने का विषय है।
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पत्रकारिता जगत और स्थानीय लोगों का शोक
राजीव प्रताप के निधन से पत्रकारिता जगत और स्थानीय समुदाय में गहरा शोक है। उनके सहयोगियों ने उन्हें निडर और समाज के प्रति समर्पित पत्रकार बताया। स्थानीय लोग भी उनके काम की सराहना कर रहे हैं और उनकी आवाज़ को हमेशा याद रखने का संकल्प ले रहे हैं।
प्रशासन ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार मृत्यू के कारणों की पुष्टि की जा रही है।

