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UP में बड़े कफ-सिरप रैकेट का खुलासा। लाखों बोतलें जब्त, कई गिरफ्तार

UP Police ने अवैध कफ सिरप रैकेट पकड़ा — उत्तर प्रदेश में तीन लाख से ज्यादा कफ-सिरप की बोतलें जब्त, आरोपियों की गिरफ्तारी, अब जाँच जारी।

Laxmi Nautiyal, December 10, 2025December 10, 2025

उत्तर प्रदेश में नशीले कफ-सिरप की अवैध तस्करी का एक बेहद बड़ा नेटवर्क सामने आया है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में अब तक लगभग 3.5 लाख बोतलें जब्त की गई हैं, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये में बताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने तुरंत Special Investigation Team (SIT) का गठन किया है, जो पूरे रैकेट की गहन जांच करेगी।

कैसे सामने आया पूरा मामला

प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि कई जिलों में कोडीन युक्त कफ-सिरप को चिकित्सकीय उपयोग के बजाय नशे के रूप में बेचा जा रहा था। ये सिरप सस्ती दरों पर उपलब्ध कराए जाते थे और तस्करों द्वारा बड़े पैमाने पर विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई किए जा रहे थे।
अब तक पुलिस ने 32 से 40 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें सप्लायर, सुपर-स्टॉकिस्ट, डिस्ट्रीब्यूटर और कई मेडिकल स्टोर संचालक शामिल हैं।

सरकार की बड़ी कार्रवाई

राज्य सरकार ने इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए तेज़ी से कदम उठाए हैं।

  • IG-स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में SIT गठित की गई है।
  • टीम को 30 दिनों के भीतर पूरी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
  • पूरे प्रदेश में मेडिकल स्टोर्स और दवा गोदामों की व्यापक जांच चल रही है।
  • अब तक कुल 128 FIRs दर्ज की गई हैं।

सरकार ने साफ कहा है कि नशीले तत्वों की अवैध बिक्री को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

क्यों खतरनाक है यह सिरप

कोडीन युक्त कफ-सिरप असल में गंभीर खांसी या दर्द में इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसका दुरुपयोग अत्यंत घातक होता है। लगातार सेवन से इसकी लत लग जाती है और कई बार यह नशे का आसान विकल्प बन जाता है।
इस अवैध नेटवर्क के चलते युवाओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ने का खतरा था और यह समाज व स्वास्थ्य दोनों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया था।

आगे क्या होगा

SIT अब यह जांच कर रही है कि:

  • यह सिरप कहाँ-कहाँ से मंगाया जा रहा था
  • किस स्तर पर सप्लाई हो रही थी
  • किन अधिकारियों और सप्लायरों की इसमें भूमिका थी
  • वित्तीय लेन-देन का पूरा नेटवर्क क्या है

जांच के बाद दोषियों पर NDPS कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही दवाओं की निगरानी व्यवस्था और भी सख्त करने की तैयारी है।

यह मामला साफ दिखाता है कि हेल्थ सेक्टर में लापरवाही कितनी बड़ी समस्या बन सकती है। सरकार, पुलिस और एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई ने एक बड़े नशा तस्करी रैकेट को तोड़कर प्रदेश में राहत की उम्मीद जगाई है।

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