Ujjwala Yojana की सच्चाई: 12 से 9 और अब 9 से 4 सब्सिडी वाले गैस — गरीब की रसोई पर हर बार कैंची एक जागरूक नागरिक, June 11, 2026June 11, 2026 Ujjwala Yojana की असली कहानी: Connection मिला, Refill नहीं — और अब Subsidy भी आधी एक गरीब घर की औरत सोचती है — “चलो, सरकार ने gas connection दिया, अब लकड़ी का धुआँ नहीं खाना पड़ेगा।” लेकिन कुछ महीने बाद refill के पैसे नहीं होते। Cylinder रखा रहता है, चूल्हा वापस जल उठता है। यही है Ujjwala Yojana की असली कहानी — जो सरकारी आंकड़ों में कहीं नहीं दिखती। लेकिन इस कहानी को समझने के लिए थोड़ा पीछे जाना होगा। LPG Subsidy की पूरी timeline 2012 से पहले — Congress (UPA) कोई limit नहीं थी। जितने चाहो उतने subsidised cylinders मिलते थे। September 2012 — Congress ने cap लगाई पहली बार limit आई — साल में सिर्फ 6 subsidised cylinders। देश भर में हंगामा मचा। January 2013 — 6 से 9 किए विरोध के बाद Congress ने 6 से बढ़ाकर 9 cylinders कर दिए। January 2014 — 9 से 12 किए Election से पहले Rahul Gandhi की demand पर 12 cylinders कर दिए। राजनीतिक फैसला था। 2016 — Modi सरकार, Ujjwala Yojana शुरू गरीब महिलाओं को free LPG connection देने की scheme। वादा था — 12 subsidised cylinders सालाना। August 2025 — 12 से 9 किए Ujjwala beneficiaries के लिए subsidised cylinders 12 से घटाकर 9 कर दिए। जून 2026 — 9 से सिर्फ 4 कर दिए एक झटके में 46% की कटौती। ₹29 की price hike के ठीक बाद यह फैसला आया। असली numbers देखो 46% एक झटके में subsidised cylinders में कटौती — 9 से सिर्फ 4 ₹1,200 अब सालाना कुल subsidy मिलेगी — पहले ₹2,700 मिलती थी 1.41 Cr Ujjwala beneficiaries जिन्होंने 2019-20 में एक भी refill नहीं करवाई — Parliament में सरकार ने खुद माना 3.53 औसत refills प्रति साल — CAG report के अनुसार। यानी गरीब वैसे भी 4 से ज़्यादा afford नहीं कर पाते Connection मिला = paper पर success। Refill afford नहीं हुई = असली ज़िंदगी में failure। — CAG Report और University of British Columbia की study का निष्कर्ष Ujjwala से फायदा हुआ या नहीं? सरकार कहती है — 10.5 करोड़ से ज़्यादा free connections दिए। यह सच है। लेकिन connection मिलना और उसका इस्तेमाल होना — दोनों अलग बात है। ⚠️ जो सरकार नहीं बताती LPG connections 16% बढ़े — लेकिन actual cylinder बिक्री सिर्फ 9.8% बढ़ी करोड़ों महिलाओं ने connection लिया — लेकिन refill afford नहीं हो पाई, वापस लकड़ी जलाने लगीं CAG report के अनुसार औसत consumption 3.53 cylinders — मतलब 4 की limit वैसे भी उनकी ज़रूरत से ज़्यादा नहीं थी Parliament में खुद सरकार ने माना — लाखों beneficiaries ने एक भी refill नहीं करवाई ✦ ✦ ✦ 💡 असली सवाल यह है सरकार कह रही है — “हमने 4 इसलिए किए क्योंकि average consumption 3.53 है।” लेकिन यह average इसलिए कम है क्योंकि गरीब refill afford ही नहीं कर पाते। गरीबी को data बनाकर subsidy काटना — यह कहाँ का न्याय है? एक जागरूक नागरिक होने के नाते हमें यह सवाल पूछते रहना है — चाहे सरकार कोई भी हो। क्योंकि जब तक हम चुप रहेंगे, गरीब की रसोई पर कैंची चलती रहेगी। 🔔 यह जानकारी हर उस घर तक पहुँचाएं जहाँ Ujjwala का cylinder है 💬 WhatsApp 𝕏 Tweet 👍 Facebook 🔗 Link Copy Facts Information News Article