नमस्कार, दोस्तों सरकार द्वारा हमारी संस्कृति की ओर एक सुन्दर पहल होने जा रही है। मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि अब से हमारी देवभूमि उत्तराखंड में संस्कृत पढ़ाई जाएगी। आप सोच रहे होंगे कि इसमें नया क्या है? यहाँ तो पहले से ही संस्कृत पढ़ाई जाती है। लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अब से मुस्लिम विद्यालयों अर्थात मदरसों में भी संस्कृत पढ़ाई जाएगी। जी हाँ इसकी जानकारी वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने दी है। आईये आपको इस विषय में पूरी जानकारी देते हैं।
मदरसों में संस्कृत
उत्तराखंड के अन्य विद्यालयों के साथ साथ अब मुस्लिम मदरसों में भी संस्कति विषय को पढ़ाया जायेगा। वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष ने बताया कि मदरसों में अब NCERT का पाठ्यक्रम पढ़ाया जायेगा। जिसके अंतर्गत छात्र न केवल संस्कृत बल्कि गणित, इंग्लिश और विज्ञान जैसे सभी विषयों का अध्यन्न करेंगे ताकि वह सभी विषयों का ज्ञान ले सकें। मदरसों में होने वाला यह बदलाव मुस्लिम समाज को विकास की ओर ले जायेगा।
मॉर्डन मदरसा
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि वह चार मदरसों को मॉर्डन बनाकर उनका नवीनीकरण करने में लगे हुए हैं। इनमें देहरादून में मुस्लिम कॉलोनी, रामनगर में जामा मस्जिद खटीमा में रहमानिया और रुड़की में रहमानिया मदरसा शामिल हैं। जिसमे NCERT के सभी विषयों को पढ़ाया जायेगा। धीरे धीरे वक़्फ़ बोर्ड के अंतर्गत आने वाले सभी मदरसों को मॉर्डन बनाया जायेगा। जिसके लिए उन्होनें “एक हाथ में लैपटॉप, एक हाथ में कुरान” का नारा दिया। उन्होंने बताया कि संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक मुस्लिम छात्रा ने संस्कृत में कुरान लिखी है, जिसे मदरसों शिक्षा कमेटी में भी शामिल किया गया है।
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