जब संसद में सवाल हैं, तब प्रधानमंत्री विदेश में क्यों? Hindi News, December 16, 2025December 16, 2025 जब संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा हो, तो यह उम्मीद की जाती है कि देश के सबसे बड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा होगी। यह वही मंच है जहाँ जनता से जुड़े सवाल उठते हैं और सरकार को जवाब देना होता है। लेकिन ऐसे समय में, जब संसद में बहस की ज़रूरत सबसे ज़्यादा है, प्रधानमंत्री का लगातार विदेशी दौरों पर होना कई सवाल खड़े करता है। दिल्ली का प्रदूषण और अन्य ज्वलंत मुद्दे आज दिल्ली सहित देश के कई शहर गंभीर प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। हवा ज़हरीली है, स्कूल बंद करने पड़ रहे हैं, लोग बीमार हो रहे हैं। इसके अलावा महंगाई, बेरोज़गारी, किसानों की परेशानियाँ और सामाजिक तनाव जैसे मुद्दे भी हैं, जिन पर संसद में खुलकर चर्चा होनी चाहिए। ये ऐसे विषय हैं जिनसे सीधे आम आदमी का जीवन जुड़ा है। विदेश दौरे और संसद की अनदेखी प्रधानमंत्री का विदेश जाना अपने आप में गलत नहीं है। अंतरराष्ट्रीय रिश्ते, व्यापार और कूटनीति भी देश के लिए ज़रूरी हैं। लेकिन सवाल समय का है। जब संसद चल रही हो और विपक्ष लगातार चर्चा की मांग कर रहा हो, तब प्रधानमंत्री की गैरमौजूदगी यह संदेश देती है कि शायद सरकार इन मुद्दों पर सीधे सवालों का सामना करने से बच रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस से दूरी एक और अहम बात यह है कि प्रधानमंत्री ने लंबे समय से स्वतंत्र प्रेस कॉन्फ्रेंस से दूरी बनाए रखी है। सवाल पूछने का मौका न मिलना, न संसद में खुली बहस और न ही मीडिया के सामने जवाब—यह स्थिति लोकतंत्र की भावना के खिलाफ जाती दिखती है। लोकतंत्र में नेता की ताकत सवालों से भागने में नहीं, बल्कि उनका सामना करने में होती है। सवालों से भागना या रणनीति? क्या यह सब महज़ संयोग है या फिर एक सोची-समझी रणनीति? सरकार की ओर से कहा जाता है कि मंत्री संसद में जवाब दे रहे हैं। लेकिन विपक्ष और जनता का मानना है कि प्रधानमंत्री की मौजूदगी सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि नैतिक रूप से भी ज़रूरी होती है। उनकी अनुपस्थिति सवालों को और गहरा करती है। यह कहना कि प्रधानमंत्री सवालों से भाग रहे हैं, एक राजनीतिक आरोप हो सकता है। लेकिन यह सवाल उठना पूरी तरह जायज़ है कि जब देश गंभीर समस्याओं से जूझ रहा हो, तब संसद से दूरी और विदेश दौरों को प्राथमिकता क्यों दी जा रही है। लोकतंत्र में सबसे ज़रूरी है संवाद, पारदर्शिता और जवाबदेही—और यही कसौटी आज सरकार के सामने है। प्रधानमंत्री विदेश यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय चार दिनों के तीन-देशों के विदेश दौरे पर हैं। वे 15 दिसंबर से 18 दिसंबर 2025 तक पहले जॉर्डन (15–16 दिस.), फिर इथियोपिया (16–17 दिस.) और आख़िर में ओमान (17–18 दिस.) में राजकीय दौरे पर रहेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य भारत-के इन देशों के साथ द्विपक्षीय संबंध, व्यापार, सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना बताया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के इंटरव्यू बयानों पर उठते गंभीर सवाल Information News Article