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PMKVY घोटाला: 14,450 करोड़ रुपए, 90 लाख फर्जी नाम — CAG ने खोली पोल

PMKVY घोटाला: 14,450 करोड़ रुपए, 90 लाख फर्जी नाम — CAG ने खोली पोल

Laxmi Nautiyal, June 4, 2026June 4, 2026
PMKVY घोटाला: 14,450 करोड़ रुपए, 90 लाख फर्जी नाम — CAG ने खोली पोल | एक जागरूक नागरिक

PMKVY घोटाला: 14,450 करोड़ रुपए, 90 लाख फर्जी नाम — CAG ने खोली पोल

योजना क्या थी?

जुलाई 2015 में मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) शुरू की। मकसद था — देश के बेरोज़गार युवाओं और school dropouts को industry-relevant training देना, certificate दिलाना, और नौकरी के काबिल बनाना। 2015 से 2022 के बीच इसके तीन phases चले, जिनका कुल budget था ₹14,450 करोड़ और target था 1 करोड़ 32 लाख युवा।

₹14,450 Cr कुल budget
95.9 लाख registered candidates
90.6 लाख फर्जी bank accounts
94.5% लाभार्थी फर्जी

घोटाले की परत-दर-परत कहानी

दिसंबर 2025 में CAG ने Report No. 20 of 2025 संसद में पेश की। PMKVY 2.0 और 3.0 में कुल 95 लाख 90 हज़ार 801 लोग registered थे। इनमें से 90 लाख 66 हज़ार 264 के bank account details — blank, null या zero। यानी खाते थे ही नहीं, लेकिन नाम सरकारी database में दर्ज थे।

बचे सिर्फ 5 लाख 24 हज़ार — लेकिन इनमें से भी 12,122 bank account numbers 52,381 अलग-अलग लोगों को assign किए गए थे। एक ही account नंबर — दर्जनों नामों पर। और वो account numbers क्या थे? 11111111, 123345, ABCD। यह सरकारी records में दर्ज था।

एक ही फोटो — कई राज्य, कई नाम। अलग-अलग राज्यों में एक ही इंसान की photo, अलग-अलग नाम से registered। UP में अलग नाम, Bihar में अलग नाम, Rajasthan में अलग — लेकिन photo एक ही।

Training Centers भी सिर्फ कागज़ों पर

61 लाख certified trainers की IDs — null। 25,908 candidates के नाम records में “Null” या “Migrated Data।” ट्रेनिंग सेंटर ज़मीन पर थे ही नहीं। 178 training partners को बाद में blacklist किया गया। 34 लाख असली candidates को ₹500 का incentive आज तक नहीं मिला। और NSDC ने ऊपर से ₹24.13 करोड़ administrative expenses के नाम पर extra काट लिए।

अब तक कोई कार्रवाई नहीं

CAG ने यह सब संसद के सामने रख दिया। Opposition ने जवाब मांगा। सरकार ने “reforms” का दावा करके पल्ला झाड़ लिया। न कोई FIR, न कोई गिरफ्तारी, न किसी अधिकारी पर कोई criminal action। ₹14,450 करोड़ गए — और हिसाब आज भी शून्य है।

युवाओं के नाम पर — किसकी जेब भरी?

CAG ने बता दिया। जवाब कौन देगा?
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