संसद में बढ़ा सियासी तापमान: स्पीकर ओम बिरला पर विपक्ष का प्रस्ताव और विवाद की पूरी कहानी Hindi News, February 20, 2026February 20, 2026 भारतीय राजनीति में इन दिनों एक बड़ा घटनाक्रम चर्चा में है। Om Birla को लेकर विपक्षी दलों ने लोकसभा में नोटिस दिया है। यह नोटिस उन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू करने से जुड़ा बताया जा रहा है। आमतौर पर स्पीकर का पद निष्पक्ष माना जाता है, इसलिए इस तरह का कदम राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। क्या है पूरा मामला? बजट सत्र के दौरान सदन में हंगामा हुआ। विपक्ष का आरोप है कि उन्हें अपनी बात रखने का पूरा अवसर नहीं दिया जा रहा। वहीं सरकार और सत्तापक्ष का कहना है कि कुछ सांसदों ने स्पीकर के चैंबर में अनुचित व्यवहार किया और संसदीय मर्यादा का उल्लंघन किया। इस आरोप-प्रत्यारोप के बीच माहौल और गर्म हो गया। स्पीकर का पद संविधान के तहत बेहद महत्वपूर्ण होता है। लोकसभा की कार्यवाही को निष्पक्ष और नियमों के अनुसार चलाना उनकी जिम्मेदारी होती है। ऐसे में यदि उनके खिलाफ अविश्वास जैसा प्रस्ताव आता है, तो यह केवल एक व्यक्ति पर नहीं बल्कि संसदीय व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करता है। AI वीडियो और नोटिस विवाद विवाद तब और बढ़ गया जब एक कथित एआई-जनरेटेड वीडियो और कुछ सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर लोकसभा प्रशासन ने नोटिस जारी किए। इन पोस्ट्स को स्पीकर की गरिमा से जुड़ा बताया गया। इससे राजनीतिक माहौल और अधिक संवेदनशील हो गया। इसका जनता पर क्या असर? संसद देश की सर्वोच्च विधायी संस्था है। यदि वहां लगातार टकराव की स्थिति बनी रहती है, तो कानून बनाने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। बजट, नीतियां और जनता से जुड़े मुद्दे चर्चा से पीछे छूट सकते हैं। इसलिए यह विवाद केवल राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिकों के हितों से भी जुड़ा है। आगे क्या हो सकता है? यदि प्रस्ताव पर चर्चा होती है, तो सदन में बहस संभव है। हालांकि सरकार के पास संख्या बल है, इसलिए प्रस्ताव का परिणाम क्या होगा, यह संसदीय गणित पर निर्भर करेगा। लेकिन यह साफ है कि आने वाले दिनों में संसद का माहौल राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय रहने वाला है। ध्रुव राठी का मोदी पर तीखा व्यंग्य: “मोदी से तो गधा बेहतर है” टिप्पणी ने मचाई हलचल Information News Article