क्यों कुछ लोग नाम जल्दी भूल जाते हैं? जानिए पूरी साइंस Hindi News, November 24, 2025November 24, 2025 अक्सर ऐसा होता है कि हम किसी से मिलते हैं, उनका नाम सुनते हैं… लेकिन कुछ ही मिनट बाद वह नाम दिमाग से गायब हो जाता है। यह स्थिति कई लोगों के साथ होती है और इसके पीछे दिमाग की कुछ प्राकृतिक प्रक्रियाएँ जिम्मेदार होती हैं।नाम जल्दी भूलना कमजोरी नहीं, बल्कि मस्तिष्क के काम करने का एक स्वाभाविक तरीका है। 1. नाम सबसे कम “Meaningful” जानकारी होती है हमारा दिमाग उन चीज़ों को जल्दी याद रखता है जिनमें अर्थ, कहानी या भावनाएँ होती हैं।लेकिन नाम (Names) अक्सर किसी चीज़ से जुड़े नहीं होते — न उनका कोई दृश्य होता है, न कोई संदर्भ। इसीलिए दिमाग में नाम की जगह मजबूत नहीं बनती और वह जल्दी भूल जाता है। 2. पहली मुलाकात में दिमाग एक साथ बहुत जानकारी लेता है जब आप किसी नए व्यक्ति से मिलते हैं, तब दिमाग: चेहरा नोट करता हैआवाज़ समझता हैमाहौल को प्रोसेस करता हैपहली बातचीत और हावभाव समझता है इन सबके बीच नाम एक सेकंड की सूचना बनकर रह जाता है। दिमाग उसे प्रायरिटी नहीं देता, इसलिए नाम जल्दी भूल जाता है। 3. ध्यान न देना (Attention Problem) कई बार व्यक्ति नाम सुनते समय वास्तव में ध्यान ही नहीं देता।हो सकता है उस समय आपका दिमाग सोच रहा हो: इस व्यक्ति को मैंने कहाँ देखा है?क्या बोलना है?बातचीत कैसे शुरू करूँ? इसलिए नाम दिमाग में जाता ही नहीं। 4. दिमाग चेहरों को नामों से अच्छी तरह नहीं जोड़ता दिमाग में चेहरों को याद रखने की क्षमता ज्यादा मजबूत होती है, लेकिन चेहरे + नाम को जोड़ने की क्षमता उतनी मजबूत नहीं होती। इसलिए लोग अक्सर कहते हैं: “चेहरा याद है, नाम याद नहीं।” 5. शॉर्ट-टर्म मेमोरी की सीमाएँ नाम शुरू में शॉर्ट-टर्म मेमोरी में जाते हैं, जिसकी क्षमता बहुत सीमित होती है।कुछ सेकंड बाद ही वह जानकारी गायब होने लगती है — अगर उसे दोहराया न जाए। 6. तनाव, थकान या ओवरथिंकिंग भी कारण हो सकता है जब दिमाग पहले से व्यस्त हो: तनावनींद की कमीएक साथ बहुत कामचिंता तो याद रखने की क्षमता घट जाती है और नाम सबसे पहले भूल जाता है। 7. Introvert लोगों में यह समस्या ज़्यादा होती है इंट्रोवर्ट लोग पहली मुलाकात में ज्यादा स्वयं-चेतन (self-conscious) रहते हैं।वे अपनी बातों, अपने व्यवहार, और माहौल पर ज्यादा ध्यान देते हैं।इस वजह से नाम उनके दिमाग तक पूरी तरह नहीं पहुँचता। नाम याद रखने के आसान उपाय नाम सुनते ही दोबारा बोलेंनाम को किसी चीज़ या चेहरे की खासियत से जोड़ेंबातचीत में नाम 1–2 बार इस्तेमाल करेंव्यक्ति से जुड़ी एक छोटी जानकारी याद करें ये छोटे कदम नाम की याद को मजबूत कर देते हैं। नाम जल्दी भूलना कोई कमजोरी नहीं—यह हमारे दिमाग का प्राकृतिक पैटर्न है।क्योंकि नाम अर्थहीन और संदर्भहीन होते हैं, इसलिए दिमाग उन्हें लंबी याद में स्टोर नहीं करता।थोड़ी सी प्रैक्टिस से यह आदत आसानी से सुधारी जा सकती है। Facts Health & Care