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भारत का सबसे पढ़ा-लिखा व्यक्ति डॉ. श्रीकांत जिचकर

भारत का सबसे पढ़ा-लिखा व्यक्ति कौन है? जानिए डॉ. श्रीकांत जिचकर के बारे में

Hindi News, September 2, 2025September 3, 2025

कभी आपने सोचा है कि कोई इंसान जिंदगी में इतनी पढ़ाई करे कि उसके पास बीस से ज़्यादा डिग्रियाँ हों? सुनने में अजीब लगता है, लेकिन भारत में एक ऐसे महान व्यक्ति हुए हैं – डॉ. श्रीकांत जिचकर, जिन्हें देश का सबसे पढ़ा-लिखा इंसान माना जाता है।

श्रीकांत जिचकर ने 1973 से 1990 के बीच अलग-अलग विषयों में पढ़ाई की और लगभग 42 यूनिवर्सिटी परीक्षाएँ पास करके 20 डिग्रियाँ हासिल कीं। इनमें डॉक्टर (MBBS, MD), वकील (LLB, LLM), बिज़नेस (MBA, DBM), पत्रकारिता, इतिहास, दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र और संस्कृत में D.Litt जैसी ऊँची डिग्रियाँ शामिल थीं। उनकी खासियत यह थी कि वे ज्यादातर परीक्षाओं में गोल्ड मेडल भी जीतते थे।

कई परीक्षा पास किये थे श्रीकांत जिचकर

उन्होंने UPSC की परीक्षा भी पास की और पहले IPS बने, फिर IAS अधिकारी भी बने। लेकिन कुछ ही महीनों बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी, क्योंकि उनका असली सपना था राजनीति में आकर जनता की सेवा करना। 26 साल की उम्र में वे महाराष्ट्र विधानसभा के सबसे कम उम्र के विधायक चुने गए और बाद में मंत्री और राज्यसभा सांसद भी बने।

इतने व्यस्त जीवन के बावजूद उन्होंने शिक्षा के लिए भी काम किया। 1992 में उन्होंने नागपुर में ‘संदीपनी स्कूल’ की स्थापना की, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके।

दुर्भाग्य से, 2004 में एक सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई। उस समय उनकी उम्र केवल 49 साल थी। लेकिन उन्होंने अपने छोटे जीवन में यह दिखा दिया कि इंसान अगर मेहनत और लगन से पढ़ाई करे तो असंभव को भी संभव बना सकता है।

डॉ. श्रीकांत जिचकर की कहानी हमें यह सिखाती है कि शिक्षा केवल डिग्री पाने का ज़रिया नहीं है, बल्कि यह इंसान को समाज की सेवा और ऊँचाइयों तक पहुँचाने का रास्ता भी है। वे हमेशा भारत के सबसे पढ़े-लिखे व्यक्ति के रूप में याद किए जाएंगे।

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