केसर इतना महंगा क्यों होता है? जानिए सोने से भी कीमती मसाले का रहस्य Hindi News, September 19, 2025September 19, 2025 केसर (Saffron): केसर दुनिया का सबसे महंगा मसाला माना जाता है। भारत में इसे “लाल सोना” भी कहा जाता है। चाहे मिठाई हो, दूध हो या दवा – केसर हर जगह अपनी खास पहचान रखता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर यह इतना महंगा क्यों है? सोने से भी कीमती केसर केसर की कीमत जगह और क्वालिटी के हिसाब से बदलती रहती है। भारत में 1 किलो असली केसर की कीमत 2 लाख से 3 लाख रुपये तक होती है।अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह और भी महंगा मिलता है, कई बार 5,000 से 10,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक दाम पहुँच जाते हैं।ईरान, कश्मीर और स्पेन दुनिया के सबसे बड़े केसर उत्पादक देश हैं, लेकिन वहाँ भी यह सस्ता नहीं है। यानी सही मायनों में केसर वाकई “लाल सोना” है। केसर की खेती: बेहद कठिन और मेहनत भरा काम आपको बता दें कि केसर की खेती मुख्य रूप से कश्मीर, ईरान और स्पेन जैसे ठंडे इलाकों में होती है। इसके फूल क्रोकस सैटिवस (Crocus Sativus) से केवल लाल रेशे (stigma) निकाले जाते हैं। एक फूल में सिर्फ 3 लाल रेशे निकलते हैं।लगभग 75,000 फूलों से सिर्फ 1 किलो केसर तैयार होता है।खेतों से फूल तोड़ना और उनमें से रेशे अलग करना पूरी तरह हाथ से किया जाता है। इसी कारण इसका उत्पादन बेहद सीमित और मेहनत भरा होता है। समय और मेहनत की बड़ी मांग केसर की कटाई का समय बहुत छोटा होता है। अक्टूबर-नवंबर के बीच कुछ ही दिनों तक यह फूल खिलते हैं। मजदूरों को सुबह-सुबह हर फूल तोड़ना पड़ता है और तुरंत उनके रेशे अलग करने पड़ते हैं। इस प्रक्रिया में बहुत समय और धैर्य लगता है। जलवायु पर निर्भरता केसर की अच्छी पैदावार के लिए ठंडी जलवायु और खास किस्म की मिट्टी चाहिए। जरा सी मौसम की गड़बड़ी या ज्यादा बारिश से पूरी फसल खराब हो सकती है। इसी वजह से इसका उत्पादन जोखिम भरा और सीमित होता है। दवाइयों और सौंदर्य में केसर की खासियत केसर सिर्फ खाने का स्वाद और रंग बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा में भी बेहद उपयोगी है। यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है।तनाव और अवसाद को कम करने में मदद करता है।त्वचा को चमकदार बनाने और सौंदर्य उत्पादों में भी इसका इस्तेमाल होता है। इसकी औषधीय और सौंदर्य संबंधी गुणों के कारण इसकी मांग और भी बढ़ जाती है। बाजार में नकली केसर का खेल ज्यादा दाम और कम उत्पादन के कारण बाजार में नकली या मिलावटी केसर भी बेचा जाता है। असली और नकली में फर्क करना आम लोगों के लिए आसान नहीं होता। यही वजह है कि असली केसर की कीमत और भी ज्यादा रहती है। सोने से भी कीमती लाल धरोहर केसर सिर्फ एक मसाला नहीं, बल्कि मेहनत, समय और प्राकृतिक परिस्थितियों का नायाब तोहफ़ा है। इसकी खेती आसान नहीं और उत्पादन बेहद सीमित है, इसलिए यह दुनिया का सबसे महंगा मसाला कहलाता है। घर के पास छोटी क्यारी कैसे बनाएं और उसमें क्या उगाएँ? Information Life Style