ICMR Hack — 2023 में भी, 2025 में भी! आपका Data आज भी Safe नहीं है एक जागरूक नागरिक, May 1, 2026May 1, 2026 एक बार hack हो जाए तो समझ आता है — लेकिन दो बार? और हर बार government की चुप्पी? याद है 2023 में क्या हुआ था? ICMR यानी Indian Council of Medical Research का data leak हुआ था और 81.5 करोड़ Indians के Aadhaar number, Passport details, नाम, address और phone number Dark Web पर बिकने लगे थे। उस वक्त कहा गया — CBI जाँच करेगी, सब ठीक हो जाएगा। लेकिन क्या हुआ? कुछ नहीं। और अब 2025 में ICMR फिर hack हो गई। 2023 में क्या हुआ था — एक Quick Recap October 2023 में एक hacker ‘pwn0001’ ने Dark Web पर ICMR का पूरा database बेच दिया — सिर्फ $80,000 में। यह data COVID testing के दौरान collect किया गया था। जब आपने test कराया, तब आपने जो Aadhaar दिया, जो address दिया — वो सब किसी अनजान के हाथ में चला गया। सबसे बड़ा सवाल यह था कि February 2023 से October 2023 तक ICMR पर 6,000 से ज़्यादा cyber attacks की कोशिशें हो चुकी थीं — और system को पता था। फिर भी कोई action नहीं। 2025 में क्या हुआ — नया झटका 17 March 2025 को Babuk नाम के hacker group ने ICMR को फिर से breach किया। यह वही ICMR है जिसे 2023 में hack होने के बाद supposedly “secure” कर दिया गया था। इस बार कितना data गया — officially अभी तक unknown है। Government की तरफ से कोई statement नहीं, कोई press conference नहीं, कोई apology नहीं। CBI Investigation का क्या हुआ? 2023 में CBI और CERT-In को जाँच सौंपी गई थी। आज 2026 है — ढाई साल बाद भी न कोई arrest हुई, न कोई officer को जवाबदेह ठहराया गया, न आम जनता को officially बताया गया कि उनका data किसके पास है। Digital Personal Data Protection Act भी pass हुआ — लेकिन ground पर उसका असर? अभी तक नज़र नहीं आया। आपको क्यों Worry करना चाहिए? Aadhaar और Passport details के साथ कोई भी आपके नाम पर fake SIM ले सकता है, bank loan ले सकता है, या identity fraud कर सकता है। यह सिर्फ एक government संस्था का failure नहीं है — यह आपकी और आपके family की digital security का सवाल है। जब आप hospital जाते हैं, test कराते हैं, vaccine लगवाते हैं — हर बार आप अपना data trust करके देते हैं। और वो trust बार-बार तोड़ा जा रहा है। 2023 में hack हुए, 2025 में फिर हुए — और हर बार सरकार की response? चुप्पी, committee, और investigation जो कहीं पहुँचती नहीं। Digital India बनाना है तो पहले citizens का data protect करना सीखो। जब तक accountability नहीं होगी, यह सिलसिला रुकने वाला नहीं। उमर खालिद: 5 साल, बिना Trial के जेल — साथी आरोपियों को मिली Bail, इन्हें क्यों नहीं? Facts Information News Article