Great Nicobar Island: जंगल काटो, Haryana में लगाओ — यही है सरकार का “विकास”? एक जागरूक नागरिक, June 12, 2026June 12, 2026 India के सबसे pristine rainforest — Great Nicobar Island — को ₹91,000 करोड़ के एक mega project के लिए मिटाया जा रहा है. 1 करोड़ तक पेड़ कटेंगे, 2,500+ species खतरे में हैं, और 10,000 साल पुरानी Shompen tribe की ज़िंदगी दांव पर है. 70 से ज़्यादा scientists ने आवाज़ उठाई — फिर भी bulldozers नहीं रुके. एक जंगल जो आज तक इंसानों से बचा था Great Nicobar Island इतना दूर, इतना अलग-थलग है कि इसकी कोई viral photo नहीं, कोई Instagram reel नहीं. लेकिन वहाँ है क्या? अफ्रीका और Australia से हज़ारों किलोमीटर तैरकर आने वाली Giant Leatherback Turtles, Shompen tribe जो इस धरती के आखिरी hunter-gatherers में से हैं, और एक ऐसा rainforest जिसे scientists ने “India के lungs” कहा है. यह सब था. अब सरकार इसे मिटाने की तैयारी में है. 🍃 · · · 🍃 वहाँ क्या बनेगा? सरकार इसे “Holistic Development” कहती है. इसमें बनेगा — international port, airport, power plant और एक पूरा शहर जिसमें high-rises, discos, Disneyland जैसे theme parks होंगे. Manhattan से दोगुने area में. एक साल में 10 लाख tourists — आज की island population से 100 गुना ज़्यादा. “एक pristine rainforest को complete concrete jungle में बदला जाएगा.” सरकारी आंकड़े कहते हैं “सिर्फ” 10 लाख पेड़. लेकिन scientists का कहना है — असली संख्या 32 लाख से 1 करोड़ पेड़ तक जा सकती है. इसके साथ Galathea Bay के 20,000+ coral colonies, Leatherback Turtles की नesting ground और Nicobar Megapode जैसा endemic पक्षी — सब हमेशा के लिए खत्म. ध्यान दें: Nicobarese tribe ने अपनी NOC वापस ली — कहा कि sign करने का दबाव था. Shompen tribe बाहरी दुनिया से बात नहीं करती — उनसे “informed consent” कैसे लिया गया? यह सवाल आज तक unanswered है. 🍃 · · · 🍃 “Andaman में काटेंगे, Haryana में लगाएंगे” — यह विकास है या मज़ाक? सरकार का जवाब है — जितने पेड़ काटेंगे, उतने Haryana और MP में लगाएंगे. ज़रा सोचिए यह ऐसा है जैसे कोई आपका एक हाथ काटे और कहे — “घबराओ मत, पीठ पर एक लकड़ी लगा देंगे. Photo तो अच्छी आएगी.” 500 साल पुराने rainforest की जगह Haryana में पौधे लगाना — यह science नहीं, PR stunt है. Leatherback Turtle Haryana नहीं जाएगी. Shompen tribe वहाँ नहीं बस सकती. और ऊपर से — अरावली में जहाँ ये पेड़ पहले लगने थे, वहाँ भी ज़मीन बिक रही है. अगर development करना ही है — तो सीखो कैसे होता है Development का मतलब जंगल काटना नहीं होता. Port के लिए ऐसी location चुनी जा सकती थी जहाँ UNESCO Biosphere Reserve न हो. Township sustainable बनाई जा सकती थी. दुनिया के कई देशों ने अपने coastal और forest zones को protect करते हुए भी infrastructure develop किया है — जो नहीं कर सकते वो promise नहीं करते. अगर development करना ही है — जंगल बचाकर करो. और अगर बचाकर नहीं कर सकते, तो चुप रहो. Great Nicobar का यह जंगल India के उन आखिरी टुकड़ों में से है जहाँ प्रकृति अभी भी असली रूप में है. एक बार यह गया — तो गया. कोई ₹91,000 करोड़ इसे वापस नहीं ला सकता. हम शायद कुछ नहीं कर सकते — लेकिन यह सच जानना और share करना, यही अभी हमारे हाथ में है. यह article सार्वजनिक scientific reports, media investigations और expert statements पर आधारित है. 📅 कब क्या हुआ? 2021EIA शुरू — committee ने माना कि environment को कम priority दी गई नव. 2022सरकार ने Forest, Environment और CRZ — तीनों clearances दे दीं. Galathea Bay का protected area दर्जा हटाया नव. 2022Nicobarese tribe ने NOC वापस ली — “दबाव में sign करवाया गया” अग. 2024सरकारी PIB report में खुद माना — port के कोई strategic objectives नहीं हैं अक्ट. 202570+ scientists का open letter — “यह ecological और ethical failure है” अभी 2026 ⚠️Bulldozers ground पर उतर चुके हैं — जंगल काटना शुरू. यह सब अभी, हमारी आँखों के सामने हो रहा है 2025–30Phase I — airport runway, power plant, initial land clearing 2035–41Phase II — port development 2047Project complete target — एक pristine rainforest की जगह concrete city 🌿 इस सच को आगे पहुँचाओ जितने ज़्यादा लोग जानेंगे, उतनी आवाज़ बड़ी होगी WhatsApp Twitter / X Facebook Link Copy करें ✓ Link copy हो गया! Facts Health & Care Information News Article