Felicity Ace: दोस्तों फ़ेलिसिटी ऐस जहाज तो आप सभी को याद ही होगा। जिसमे कई महंगी गाड़ियां लदी हुई थी। और अचानक आग लगने से सब ख़तम हो गया। पूरा जहाज समुद्र में डूब गया। चलिए आज इसके बारे में चर्चा करते हैं। साथ ही जानते हैं ये आजकल क्यों चर्चा का विषय बना है।
Felicity Ace: लग्ज़री कारों का तैरता खज़ाना
फरवरी 2022 की एक ठंडी सुबह, जब अटलांटिक महासागर शांत था, तभी समुद्री इतिहास की एक घटना ने दुनिया को चौंका दिया। Felicity Ace नामक यह विशाल कार कैरियर जहाज़ सिर्फ़ लोहे का ढांचा नहीं था, बल्कि चलते-फिरते खज़ाने जैसा था।
इस जहाज़ की लंबाई 199.99 मीटर और चौड़ाई 32.26 मीटर थी। इसमें एक बार में हज़ारों कारों को ले जाने की क्षमता थी। हादसे वाले सफर में यह जहाज़ लगभग 3,800 लग्ज़री और सुपरकारें लेकर जर्मनी से अमेरिका की ओर जा रहा था। Porsche, Lamborghini, Audi, Bentley जैसी कारें इस पर लदी थीं।
हादसे की शुरुआत: आग का कहर
16 फरवरी 2022 को अचानक खबर आई कि जहाज़ में आग लग गई है। सबसे डरावनी बात यह थी कि जहाज़ पर कई इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ भी थीं। माना गया कि इनमें से किसी कार की लिथियम-आयन बैटरी ने आग पकड़ ली और फिर वह पूरे कार्गो हिस्से में फैल गई।
लिथियम बैटरियों की आग बुझाना आसान नहीं होता। यह बार-बार भड़क उठती है और तापमान इतना बढ़ जाता है कि धातु तक पिघल सकती है। यही वजह रही कि बचाव दल आग पर काबू पाने में नाकाम रहे।
क्रू का साहस और बचाव
जहाज़ पर मौजूद 22 क्रू मेंबर्स ने आखिरी दम तक आग बुझाने की कोशिश की। लेकिन जब हालात काबू से बाहर हो गए तो सभी को तुरंत बाहर निकाला गया। पुर्तगाल की नेवी ने हेलिकॉप्टर भेजकर सभी को सुरक्षित बचा लिया। यह राहत की बात थी कि किसी की जान नहीं गई, लेकिन अरबों डॉलर की संपत्ति समुद्र में समा गई।
जहाज़ को बचाने की कोशिश
आग लगने के बाद कई दिनों तक बचाव अभियान चलता रहा। टगबोट्स को लगाया गया ताकि जहाज़ को किनारे तक खींचा जा सके। समुद्री इंजीनियर्स ने सोचा था कि अगर इसे पास के बंदरगाह तक ले आएं तो शायद कार्गो का कुछ हिस्सा बच सके।
लेकिन लगातार जलने और अंदरूनी ढांचे के कमजोर हो जाने से जहाज़ धीरे-धीरे असंतुलित हो गया। अंततः 1 मार्च 2022 को Felicity Ace अटलांटिक महासागर की गहराइयों में डूब गया
आर्थिक और पर्यावरणीय नुकसान
- इस जहाज़ के साथ लगभग 3,800 लग्ज़री कारें समुद्र में चली गईं।
- अनुमान है कि इस हादसे से सैकड़ों मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ।
- इसके अलावा, इतनी बड़ी संख्या में कारों का समुद्र में डूबना पर्यावरण के लिए भी चिंता का विषय बना। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि कारों के ईंधन और बैटरियों से समुद्री जीवन को नुकसान पहुँच सकता है।
क्यों है आज फिर सुर्खियों में?
- इस हादसे को हुए तीन साल पूरे हो चुके हैं और इसे समुद्री इतिहास के सबसे महंगे जहाज़ हादसों में गिना जाता है।
- सोशल मीडिया पर यह ट्रेंड कर रहा है क्योंकि लोग अब भी सोचते हैं कि अगर यह कार्गो सुरक्षित किनारे तक पहुँच जाता तो आज उन कारों की कीमत कितनी होती।
- साथ ही, इलेक्ट्रिक कारों की बैटरी सुरक्षा पर बढ़ती बहस ने इस घटना को फिर से चर्चा में ला दिया है।
Felicity Ace का हादसा केवल एक जहाज़ डूबने की कहानी नहीं है, बल्कि यह हमें याद दिलाता है कि आधुनिक तकनीक और लग्ज़री के पीछे भी जोखिम छिपे रहते हैं। यह घटना समुद्री सुरक्षा, कार्गो प्रबंधन और इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बैटरी टेक्नोलॉजी को लेकर आने वाले समय के लिए एक बड़ा सबक है।
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