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नेपाल Gen-Z विद्रोह : आखिर क्या है नेपाल में विद्रोह होने की असली वजह

नेपाल Gen-Z विद्रोह _ आखिर क्या है नेपाल में विद्रोह होने की असली वजह

नेपाल Gen-Z विद्रोह _ आखिर क्या है नेपाल में विद्रोह होने की असली वजह

दोस्तों आप सभी को पता ही है कि नेपाल में Gen-Z के द्वारा विरोध प्रदर्शन हो रहा है। जिसमे प्रदर्शनकारियों को कण्ट्रोल में लाना बड़ा मुश्किल होता जा रहा है। बात यहाँ तक बढ़ गयी है कि प्रदर्शनकरियों ने नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री के आवास में आग लगा दी जिससे उनकी पत्नी जिन्दा जल गयी। आखिर Gen-Z के इस गुस्से भरे विद्रोह के पीछे क्या है असली वजह। क्या इसके पीछे की वजह सिर्फ सोशल मीडिया एप्स के बैन होना है या कुछ और। इस लेख में हम नेपाल में हो रहे प्रदर्शन के सभी पुरानी और नयी वजह को साझा करेंगे।

नेपाल Gen-Z विद्रोह

बात है 8 सितम्बर 2025 की जब नेपाल की राजधानी काठमांडू में प्रदर्शन करने के लिए हजारों की संख्यां में युवा एकजुट हुए थे। ये सभी लगभग 20 से 25 साल के युवा है जिन्हें Gen-Z कहा जाता है। इस प्रदर्शन को Hami Nepal नाम के एक एनजीओ ने ऑर्गनाइस किया। यह प्रदर्शन काठमांडू के मइतीघर मंडल से पार्लिमेंट की तरफ बढ़ रहा था। यह प्रदर्शन अहिंसा और शांतिपूर्वक होना था। लेकिन यहाँ सरकार ने कुछ अलग ही निति चली और इन प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस तैनात कर दी। यही नहीं बल्कि इन पर पुलिस ने वाटर कैनन, टेअर गैस और रबर की गोलियों का इस्तेमाल करना शुरू किया।

देखते ही देखते पुलिस और प्रदर्शन कर्ताओं के बीच लड़ाई जुट गई। ऐसे में कुछ प्रदर्शनकारी पार्लिमेंट के अंदर घुस जाते हैं। और अब ऐसे में पूरे देश को दंग करने वाली हरकत करती है पुलिस। जी हाँ पुलिस इन युवाओं पर ओपन फायरिंग शुरू कर देती है। जहाँ बंदूकों से रबर की गोलियां नहीं बल्कि असली बुलेट चलती हैं। जिसमे 19 युवाओं की मृत्यु हो जाती है और करीब 400 युवा घायल हो जाते हैं। मरने वालों में एक 12 वर्ष का बच्चा भी था। जैसे ही ये खबर फैलती है, प्रदर्शनकारियों की संख्या में तेज़ी से बढ़ौतरी होती है। अब नेपाल के अन्य कई शहरों में भी प्रदर्शन शुरू हो जाता है। जिसको कंट्रोल में करना बहुत मुश्किल हो गया।

पूर्व प्रधानमंत्री की पैंटी को जिन्दा जलाया

प्रदर्शन इस हद तक बढ़ गया कि पॉलीमेन्ट आग की लपटों में आ गया। और यही नहीं बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री के घर में आग लगा दी जिससे उनकी पत्नी जिन्दा जल गयी। नेपाल के वित्त मंत्री को तो सड़को पर जूते चप्पलों से मारा गया। Gen-Z के इस गुस्से भरे विद्रोह ने नेपाल की सरकार गिरा दी है। यहाँ के पीएम केपी शर्मा ओली ने भी स्तीफा दे दिया है और सोशल मीडिया एप्प में जो बैन लगा था वो भी हटा दिया है। लेकिन प्रदर्शनकारी रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।

नेपाल में हो रहे प्रदर्शन का कारण

इतना सब जान के अब आप सोच रहे होंगे कि क्या नेपाल में Gen-Z के विद्रोह का मुख्य कारण सोशल मीडिया का बैन होना है, तो नहीं। यह एक वजह जरूर है लेकिन इसके अलावा अन्य भी कई बड़ी बड़ी वजहें हैं इस प्रदर्शन के पीछे, जैसे भ्रष्टाचार, कुशासन, बेरोज़गारी और नेपोटिजम। इन वजह को जानकर आपको Gen-Z का गुस्सा जायज लगेगा।

1. सोशल मीडिया बैन

नेपाल सरकार का कहना था कि सोशल मीडिया में अभद्र भाषा के प्रयोग और धोखाधड़ी और फेक न्यूज़ जनता पर गलत प्रभाव डाल रही है। जिसके लिए सरकार ने वर्ष 2023 नवंबर में सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म को संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय अर्थात Ministry of communication and information technology के पास रजिस्ट्रेशन करने और स्थानीय उपस्थिति स्थापित करने को कहा। जिसके बाद सरकार ने इन्हें 5 बार लीगल नोटिस भी भेजा। लेकिन सिर्फ 5 सोशल मीडिया प्लेटफार्म ने ही पंजीकरण करवाया, जिनमे चाइना का टिकटोक भी शामिल था। इसके बाद कोर्ट ने भी सरकार को सोशल मीडिया पर बैन लगाने की अनुमति दे दी।

देश की सरकार 28 अगस्त 2025 को फिर से सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म को कहती है की 3 सितम्बर 2025 तक अगर रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ तो उनको बैन कर दिया जायेगा। लेकिन ज्यादातर प्लेटफॉर्म्स ने इस बात को सीरियस नहीं लिया जिससे सरकार ने 26 सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स को अपने देश में बैन कर दिया। जिसमे टिकटोक को छोड़कर कई बड़े सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और यू ट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स शामिल थे। वहीं प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार जनता की आवाज को दबाना चाहती है जिसके लिए वो सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपना कंट्रोल रखना चाहती हैं।

नेपाल में Gen-Z विद्रोह: सोशल मीडिया बैन के खिलाफ युवाओं का गुस्सा

2. बेरोजगारी

नेपाल में बेरोजगारी दर

बेरोजगारी के मामले में तो नेपाल काफी आगे है। जिसके लिए यहाँ के युवा को जॉब के लिए बहार देश जाना ही पड़ता है। बेरोजगारी की हद तो तब पार हुई जब नेपाल के नौजवान नौकरी के लिए रूस और यूक्रेन के युद्ध में जाने को तैयार हुए। जी हाँ करीब 15000 नेपालियों ने रूस की मिलिट्री को ज्वाइन किया। जहाँ उन्हें केवल कुछ हफ़्तों की ट्रेनिंग के बाद शत्रुओं के सामने खड़ा कर दिया। जहाँ कई नेपालियों की निर्मम हत्या हुई। ये कितना भयानक हो सकता है आप जरा सोचिये। इस प्रदर्शन में लोगों ने पोस्टर में यह तक लिखा कि ” पॉलिटिशियन के बच्चे विदेशों से गुच्ची का बैग लेकर आते हैं, और आम लोगों के बच्चे कॉफिन (ताबूत) में।

भ्रष्टाचार

जहाँ इन युवाओं के इस प्रदर्शन को प्रेरित करने के लिए बेरोजगारी एक अहम मुद्दा है वहीं भ्रष्टाचार भी एक बड़ी वजह है। नेपाल में 2008 के बाद से राजाओं का सिस्टम बंद किया गया और नेपाल ने लोकतंत्र को अपनाया। तबसे अभी तक यहाँ 13 बार सरकार बदल चुकी है लेकिन सरकार हमेशा कुछ गिने चुने पॉलिटिशियन के बीच ही रही है। और लगभग सभी नेताओं पर भ्रष्टाचार का आरोप है। लेकिन नेपाल में 2006 से ही नेताओं के ऊपर कार्यवाही न की जाए इसकी पूरी कोशिश की है। जिससे यहाँ की जनता का निराश होना जायज है और युवाओं का ये प्रदर्शन भी।

नेपोटिजम

छोटा सा देश है लेकिन भ्रष्टाचार और बेरोजगारी तो है ही लेकिन नेपोटिजम भी कुछ कम नहीं है। जहाँ एक तरफ नेपाल की आम जनता कई मुश्किलों से गुजर रही है, वहीं दूसरी ओर पॉलिटिशियन की बिगड़ी औलादें लक्ज़री लाइफ का शो ऑफ कर रहे हैं। वह अपना महंगी महंगी गाड़ियों में घूमना और बड़े बड़े ब्रांड्स की चीजों का यूस करना आये दिन सोशल मीडिया में पोस्ट करते रहते हैं। जिससे जनता में असमानता की भावना जाग उठी। जिसको लेकर सभी सोशल मीडिया में नेपौकिडस का कम्पैर आम लोगों के साथ किया जानें लगा। जिसमे एक तरफ आम नागरिक की समस्याएं दिखाई जाती वहीं दूसरी तरफ किसी नेपौकिड की लक्ज़री लाइफ दिखाई जाने लगी। जिससे जनता जाग उठी और आक्रोश में आ गयी।

नेपाल के ज्यादातर युवा बेरोजगारी के चलते बाहरी देशों में जॉब करते हैं। ऐसे में उनका अपने परिवार से जुड़े रहना केवल सोशल मीडिया से ही संभव है। अब ऐसे में सरकार इन पर बैन लगाएगी तो जनता तो भड़क उठेगी।

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