Skip to content
Thehindinews
Thehindinews

  • Home
  • News Article
  • Story
  • Information
  • blog
  • Life Style
Thehindinews
Thehindinews

सरकार पर सवाल उठाए तो नोटिस थमा दिया, पहले साबित कीजिए कि आप ही शंकराचार्य हैं!

सरकार पर सवाल उठाए तो नोटिस थमा दिया, पहले साबित कीजिए कि आप ही शंकराचार्य हैं!

Hindi News, February 24, 2026February 24, 2026

हाल के दिनों में ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़ा विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है। मामला तब गरमाया जब उन्होंने कुछ धार्मिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं, खासकर माघ मेले से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए। उनके बयान के बाद माहौल अचानक बदल गया और इसी बीच देर रात लगभग बारह बजे उनके मठ को एक सरकारी नोटिस भेजा गया।

माघ मेला विवाद से शुरू हुआ मामला

माघ मेले के दौरान उस समय विवाद बढ़ गया जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी संगम की ओर बढ़ रही थी। संत पक्ष का दावा है कि प्रशासन और पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोका और उनके शिष्यों के साथ मारपीट की। आरोप है कि कुछ शिष्यों को थाने ले जाकर भी दुर्व्यवहार किया गया और लाठीचार्ज किया गया। इसी घटना को संत समाज ने अपने सम्मान पर ठेस बताया। बाद में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विरोध स्वरूप कुछ दिनों के लिए अनशन पर भी बैठे, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया।

40 दिन में प्रमाण देने का निर्देश

विवाद के कुछ ही समय बाद जारी नोटिस में उनसे यह कहा गया कि वे 40 दिनों के भीतर प्रमाण प्रस्तुत करें कि वे ही ज्योतिर्मठ के वैध शंकराचार्य हैं। यह निर्देश कई लोगों के लिए चौंकाने वाला था, क्योंकि वे लंबे समय से शंकराचार्य के रूप में कार्य कर रहे हैं और सार्वजनिक मंचों पर इसी पद से संबोधित किए जाते रहे हैं।

पहले मान्यता, फिर सवाल?

यहीं से सवाल खड़ा होता है। इससे पहले सरकार और प्रशासनिक मंचों पर उन्हें शंकराचार्य के रूप में आमंत्रित किया गया। विभिन्न धार्मिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों में उन्हें उसी सम्मान के साथ बुलाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जब उनसे मिले, तो उन्हें शंकराचार्य के रूप में ही सम्मान दिया गया और सार्वजनिक रूप से आदर व्यक्त किया।

ऐसे में अब यह सवाल उठ रहा है कि यदि पहले से उन्हें शंकराचार्य के रूप में मान्यता दी जाती रही है, तो अचानक यह नोटिस क्यों? क्या यह केवल कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है या फिर उनके बयानों के बाद उठाया गया कदम?

यह पूरा घटनाक्रम धर्म, राजनीति और प्रशासन के रिश्तों पर नई बहस को जन्म दे रहा है।

साथ ही अब शंकराचार्य पर POCSO के तहत केस भी कर दिया है।

विवादों के बीच शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद: माघ मेले से लेकर POCSO केस तक पूरी कहानी

Facts News Article

Post navigation

Previous post

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • सरकार पर सवाल उठाए तो नोटिस थमा दिया, पहले साबित कीजिए कि आप ही शंकराचार्य हैं!
  • विवादों के बीच शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद: माघ मेले से लेकर POCSO केस तक पूरी कहानी
  • दिल्ली AI Summit 2026: जब तकनीक की चमक से ज़्यादा बातें परेशानियों की बनीं
  • एपस्टीन फाइल्स 2026: 35 लाख पन्नों का खुलासा और बड़े नामों पर उठते सवाल
  • देहरादून मर्डर केस 2026: देहरादून में 15 दिनों में खून की घटनाएँ: जनवरी से फरवरी 2026 तक हुए प्रमुख हत्याकांडों की विस्तृत रिपोर्ट

Advertisement

social link

  • Facebook
  • सरकार पर सवाल उठाए तो नोटिस थमा दिया, पहले साबित कीजिए कि आप ही शंकराचार्य हैं!
  • विवादों के बीच शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद: माघ मेले से लेकर POCSO केस तक पूरी कहानी
  • दिल्ली AI Summit 2026: जब तकनीक की चमक से ज़्यादा बातें परेशानियों की बनीं
  • एपस्टीन फाइल्स 2026: 35 लाख पन्नों का खुलासा और बड़े नामों पर उठते सवाल
  • देहरादून मर्डर केस 2026: देहरादून में 15 दिनों में खून की घटनाएँ: जनवरी से फरवरी 2026 तक हुए प्रमुख हत्याकांडों की विस्तृत रिपोर्ट

Advertisement




©2026 Thehindinews | WordPress Theme by SuperbThemes
Go to mobile version