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AI जेनरेटेड वीडियो से बिहार की राजनीति में बवाल, PM मोदी की मां को लेकर क्या है सच_

AI जेनरेटेड वीडियो से बिहार की राजनीति में बवाल, PM मोदी की मां को लेकर क्या है सच? देखें वीडियो

Laxmi Nautiyal, September 13, 2025September 13, 2025

बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल मची हुई है। वजह है एक ऐसा वीडियो, जो पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार किया गया है। इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत मां, हीराबेन मोदी को लेकर आपत्तिजनक सामग्री दिखाई गई है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल होते ही राजनीति गरमा गई और सत्तापक्ष से लेकर विपक्ष तक सभी दल इसमें कूद पड़े।

वीडियो में क्या दिखाया गया?

जानकारी के मुताबिक, वीडियो में हीराबेन मोदी की पुरानी तस्वीरों और कुछ क्लिप्स को जोड़कर एक भ्रामक कहानी तैयार की गई है। इसे इस तरह एडिट किया गया है कि पहली नज़र में यह असली लगे। लेकिन तकनीकी जांच में साफ हो गया कि यह वीडियो पूरी तरह से डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल करके बनाया गया है।
इसका मकसद साफ है—प्रधानमंत्री मोदी और उनके परिवार को राजनीतिक रूप से निशाना बनाना।

बिहार में क्यों मचा हंगामा?

बिहार की राजनीति हमेशा संवेदनशील रही है। चुनावी माहौल की आहट पहले से ही है, ऐसे में इस वीडियो ने सभी दलों को एक नया मुद्दा दे दिया।

  • भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री के परिवार को बदनाम करना बेहद शर्मनाक है और इसके पीछे विपक्ष का हाथ हो सकता है।
  • राजद और अन्य विपक्षी दलों ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ही इस वीडियो को मुद्दा बना रही है ताकि जनता का ध्यान असली समस्याओं—जैसे बेरोजगारी और महंगाई—से हटाया जा सके।
  • जेडीयू ने इसे गंभीर मामला मानते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

वीडियो देखें 👇

भाजपा का बयान

भाजपा नेताओं ने इस वीडियो को प्रधानमंत्री के परिवार की गरिमा पर हमला बताया। कई नेताओं ने कहा कि यह राजनीति का “सबसे गिरा हुआ स्तर” है। पार्टी का आरोप है कि विपक्ष जानबूझकर इस तरह के वीडियो फैला रहा है ताकि जनता के मन में भ्रम पैदा किया जा सके। भाजपा प्रवक्ताओं ने यहां तक कहा कि ऐसे लोगों को तुरंत गिरफ्तार करके सख्त सजा मिलनी चाहिए।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया

कांग्रेस ने इस मामले पर अलग रुख अपनाया। पार्टी नेताओं ने कहा कि भाजपा हर बार भावनात्मक मुद्दों को उछालकर असली समस्याओं से बच निकलती है। उनका कहना है कि अगर वीडियो फेक है तो जांच एजेंसियों को सामने लाना चाहिए कि इसे किसने बनाया, लेकिन भाजपा इसका इस्तेमाल जनता की सहानुभूति बटोरने के लिए कर रही है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब देश में बेरोजगारी और महंगाई बढ़ रही है, तब भाजपा क्यों हर बार “परिवार और भावनाओं” को ढाल बनाकर मुद्दे बदलने की कोशिश करती है।

निष्कर्ष

हीराबेन मोदी को लेकर बने इस AI जेनरेटेड वीडियो ने बिहार की राजनीति को गरमा दिया है। भाजपा इसे प्रधानमंत्री और उनके परिवार पर सीधा हमला बता रही है, जबकि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इसे “ध्यान भटकाने की रणनीति” मान रहे हैं। यह घटना केवल राजनीति की तकरार नहीं है, बल्कि एक चेतावनी भी है कि AI और डीपफेक तकनीक आने वाले समय में चुनावी माहौल को किस तरह प्रभावित कर सकती है।

नेपाल Gen-Z विद्रोह : आखिर क्या है नेपाल में विद्रोह होने की असली वजह

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