Skip to content
Thehindinews
Thehindinews

  • Home
  • News Article
  • Story
  • Information
  • blog
  • Life Style
  • About Us
  • Contact
Thehindinews
Thehindinews

NEET 2026 Paper Leak: छात्रों के भविष्य पर सरकार क्यों चुप है?

NEET 2026 Paper Leak: छात्रों के भविष्य पर सरकार क्यों चुप है?

Laxmi Nautiyal, May 15, 2026May 15, 2026
NEET 2026 पेपर लीक: सरकार की चुप्पी, युवाओं का संकट
📰 विशेष रिपोर्ट | मई 15, 2026

NEET 2026: सरकार की चुप्पी, 22 लाख युवाओं का संकट

पेपर लीक पर विपक्ष जवाबदेही माँग रहा है, शिक्षा मंत्री मीडिया से भाग रहे हैं

प्रकाशन: 15 मई, 2026

भारत के शिक्षा तंत्र में एक बार फिर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। 3 मई को आयोजित NEET परीक्षा को रद्द कर दिया गया क्योंकि लगभग 410 सवालों वाली दस्तावेज़ परीक्षा से 15 दिन से 1 महीने पहले WhatsApp पर फैली हुई थी। रसायन विज्ञान के 120 सवाल सीधे वास्तविक परीक्षा से मेल खाते थे। 22.79 लाख छात्रों का भविष्य दांव पर है, लेकिन सरकार निर्लिप्त बैठी है।

🔇 सरकार की खामोशी

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान 12 मई को पत्रकारों के सामने आए। उनसे पूछा गया – “आप क्या सोचते हैं?” उनका जवाब था – मौन। बस चले गए। कोई बयान, कोई जवाबदेही नहीं। जब पूरा देश सवाल पूछ रहा है कि आखिर यह कैसे हुआ, तो सरकार का सबसे बड़ा शिक्षा अधिकारी मीडिया से मुंह मोड़ लेता है। यह केवल राजनीतिक विफलता नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक जवाबदेही से पलायन है।

विपक्ष की आवाज़ें

राहुल गांधी
विपक्ष के नेता
“NEET अब परीक्षा नहीं, एक नीलाम है।” गांधी ने कहा कि 22 लाख बच्चों की मेहनत एक रात में व्यर्थ हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 सालों में 89 पेपर लीक और 48 दुबारा परीक्षाएं हुई हैं।
मल्लिकार्जुन खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष
“मोदी सरकार ने शिक्षा को अव्यवस्था में बदल दिया।” खरगे ने कहा कि कम से कम 4 NEET पेपर लीक हो चुके हैं। सिकार में “गेस पेपर” खुलेआम बिकते हैं – क्या सरकार को पता नहीं?
अरविंद केजरीवाल
AAP संस्थापक
“यदि नेपाल जैसे देशों का Gen Z सरकार बदल सकता है, तो भारतीय युवा भी कर सकते हैं।” केजरीवाल ने कहा कि पेपर लीक का माफिया और उसके संरक्षक “राष्ट्र के दुश्मन” हैं। CBI की जांच पर उन्हें संदेह है।

सवाल जो अनुत्तरित हैं

जब देश का शिक्षा तंत्र टूट रहा है, तो सरकार क्यों निर्लिप्त है? क्यों शिक्षा मंत्री सवालों का जवाब देने से इनकार करते हैं? क्यों NTA (परीक्षा एजेंसी) बार-बार विफल हो रही है? ये सवाल तब तक अनुत्तरित रहेंगे जब तक सरकार “जवाबदेही” के अर्थ को समझना शुरू न करे। 22.79 लाख युवा इंतज़ार कर रहे हैं – न कि शब्दों का, बल्कि परिवर्तन का।

Facts Information News Article

Post navigation

Previous post
Next post

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement

Author Name

एक जागरूक नागरिक

Becoming an aware citizen is everyone's responsibility.

social link

  • Facebook
  • Twitter
July 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
2728293031  
« Jun    
  • July 7, 2026 by Laxmi Nautiyal गरीबी की जड़ ज़्यादा बच्चे या कम संसाधन? पूरा सच जानिए
  • July 6, 2026 by Laxmi Nautiyal दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे में सिर्फ 79 दिन में गड्ढे — ₹12,000 करोड़ गए कहां?
  • June 20, 2026 by Laxmi Nautiyal अमेरिका में Data Centers बैन, भारत में खुली छूट — पानी का संकट किसे दिखता नहीं?
  • June 19, 2026 by Laxmi Nautiyal भारत में AIIMS का इतिहास: 1956 से 2026 तक कब बने, किसने बनाए, कितने बने
  • June 19, 2026 by Laxmi Nautiyal छात्रों की गूंज महारैली: कोटा में राहुल गांधी ने NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
  • गरीबी की जड़ ज़्यादा बच्चे या कम संसाधन? पूरा सच जानिए
  • दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे में सिर्फ 79 दिन में गड्ढे — ₹12,000 करोड़ गए कहां?
  • अमेरिका में Data Centers बैन, भारत में खुली छूट — पानी का संकट किसे दिखता नहीं?
  • भारत में AIIMS का इतिहास: 1956 से 2026 तक कब बने, किसने बनाए, कितने बने
  • छात्रों की गूंज महारैली: कोटा में राहुल गांधी ने NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

Advertisement




©2026 Thehindinews | WordPress Theme by SuperbThemes
Go to mobile version