ऋषिकेश कीर्तन फेस्टिवल विवाद: क्या सच में भारतीयों को रोका गया था? Hindi News, March 11, 2026March 11, 2026 उत्तराखंड के ऋषिकेश में आयोजित Rishikesh Kirtan Festival 2026 को लेकर हाल ही में सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। यह फेस्टिवल तपोवन इलाके में आयोजित किया गया था, जहां भक्ति संगीत, कीर्तन, योग और आध्यात्मिक सत्रों में भारत और विदेश से लोग भाग लेने पहुंचे थे। विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में कुछ लोग यह आरोप लगाते दिखाई दिए कि कार्यक्रम में भारतीयों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है, जबकि विदेशी लोगों को अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है। वीडियो के सामने आने के बाद कई लोगों ने इसे भारतीयों के साथ भेदभाव का मामला बताया और सोशल मीडिया पर इसकी आलोचना शुरू हो गई। आयोजकों ने क्या कहा विवाद बढ़ने के बाद फेस्टिवल के आयोजकों ने अपनी सफाई दी। आयोजकों का कहना था कि कार्यक्रम किसी एक देश के लोगों तक सीमित नहीं था और इसमें भारतीयों सहित सभी लोगों को शामिल होने की अनुमति थी। उन्होंने बताया कि आयोजन स्थल की क्षमता सीमित थी और एक समय में सीमित संख्या में ही लोगों को अंदर जाने दिया जा सकता था। कुछ सत्र ऐसे भी थे जिनमें विदेशी प्रतिभागियों को प्राथमिकता दी गई, क्योंकि फेस्टिवल का उद्देश्य विदेश से आए लोगों को भारतीय भक्ति परंपरा से परिचित कराना भी था। पुलिस जांच में क्या सामने आया मामला चर्चा में आने के बाद स्थानीय पुलिस ने इसकी जांच की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला जिससे यह साबित हो कि भारतीयों को आधिकारिक रूप से कार्यक्रम में प्रवेश से रोका गया था। पुलिस ने स्पष्ट किया कि “Indians Not Allowed” जैसा कोई नियम कार्यक्रम में लागू नहीं था। जांच में यह भी सामने आया कि कार्यक्रम में कई भारतीय लोग भी शामिल हुए थे। क्या है पूरी सच्चाई जांच और आयोजकों के बयान के आधार पर यह साफ हुआ कि विवाद मुख्य रूप से एक वायरल वीडियो के बाद बढ़ा। सीमित जगह और प्रवेश व्यवस्था को लेकर कुछ लोगों को परेशानी हुई, लेकिन भारतीयों को पूरी तरह से प्रतिबंधित करने का कोई आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया। दिल्ली का उत्तम नगर तरुण हत्याकांड: होली के गुब्बारे से शुरू हुआ विवाद कैसे बना जानलेवा Facts Information News Article