शपथ लेने में अटकीं जेडीयू की नवाड़ा विधायक विभा देवी, वीडियो हुआ वायरल Hindi News, December 3, 2025December 3, 2025 बिहार विधान सभा के नए सत्र के पहले दिन एक ऐसी घटना सामने आई जिसने पूरे राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी। जनता दल (यूनाइटेड) की नवाड़ा विधायक विभा देवी शपथ पढ़ते समय इतनी असहज हो गईं कि उन्हें लगातार मदद लेनी पड़ी। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ दीं। कौन हैं विभा देवी? विभा देवी, नवाड़ा (Nawada) विधानसभा सीट से जेडीयू की विधायक हैं। वह इस सीट से दोबारा निर्वाचित हुई हैं। राजनीति में उनका प्रभाव काफी समय से रहा है और उनका परिवार भी क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय है। कितने वोटों से जीतीं? नवाड़ा सीट पर इस बार मुकाबला कड़ा था, लेकिन विभा देवी ने अपने प्रतिद्वंदी कौशल यादव (RJD) को बड़े अंतर से हराया।वे लगभग 27,594 वोटों के अंतर से विजयी रहीं।यह जीत दर्शाती है कि क्षेत्र में उनकी पकड़ मजबूत है। शपथ के दौरान क्या हुआ? 1 दिसंबर को हुए शपथ ग्रहण समारोह में जैसे ही विभा देवी ने हिंदी में शपथ पढ़ना शुरू किया, वह बार-बार अटकने लगीं। कई शब्दों का उच्चारण सही से नहीं कर पा रही थीं।उनकी आवाज़ कांप रही थी और वे वाक्य पूरा नहीं कर पा रही थीं।स्थिति ऐसी हो गई कि उन्होंने पास में खड़ी विधायक मनोहरमा देवी से तुरंत मदद ली। स्पीकर ने भी स्थिति को देखते हुए उन्हें समय दिया और शपथ दोहराने की अनुमति दी। वीडियो ने क्यों पकड़ी आग? पूरे शपथ ग्रहण का वीडियो सोशल मीडिया पर फैल गया। कई लोगों ने इसे “चिंताजनक” कहाकुछ ने उनकी शिक्षा पर सवाल उठाएवहीं कुछ लोगों ने इसे पहली बार सदन में आने का तनाव बताया लेकिन यह साफ है कि यह छोटा-सा दृश्य इंटरनेट पर चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया। पृष्ठभूमि और राजनीतिक सफर विभा देवी पहले भी विधायक रह चुकी हैं।वह नवाड़ा के पूर्व विधायक राज बल्लभ यादव की पत्नी हैं, जिनका क्षेत्र में बड़ा राजनीतिक प्रभाव रहा है।उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत बताई जाती है और नवाड़ा इलाके में उनकी अच्छी पहचान है। क्या कहती हैं विभा देवी? शपथ ग्रहण के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पहली बार सदन में बोलते समय घबराहट हो गईकुछ लाइनें जल्दी बोलने के कारण गड़बड़ हो गईंआगे वह अपने काम से खुद को साबित करेंगी शपथ पढ़ने में हुई यह गलती चाहे छोटी हो, लेकिन यह घटना बिहार की राजनीति और सोशल मीडिया में बड़ी चर्चा बन गई।जन प्रतिनिधि के रूप में असली परीक्षा उनके काम, व्यवहार और क्षेत्र के विकास से होगी—न कि किसी शपथ ग्रहण के दौरान हुई एक गलती से। बिहार में ‘नकली अंडों’ की अफवाह ने बढ़ाई चिंता, जांच में अब तक कोई पुख्ता सबूत नहीं। Information News Article