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खाना खाते समय 100% प्रेज़ेंट रहना चाहिए

माइंडफुल ईटिंग: खाना खाते समय 100% प्रेज़ेंट रहना क्यों ज़रूरी है

Hindi News, November 19, 2025November 19, 2025

खाना सिर्फ पेट भरने का तरीका नहीं है, बल्कि यह शरीर और मन दोनों को पोषण देने की प्रक्रिया है। आज की तेज़ लाइफस्टाइल में लोग जल्दी-जल्दी, भागते-दौड़ते या मोबाइल स्क्रीन पर स्क्रॉल करते हुए खाना खा लेते हैं। इससे न तो खाना ठीक से पचता है और न ही शरीर को सही तरीके से लाभ मिलता है। ऐसे में माइंडफुल ईटिंग एक ऐसी आदत है जो आपकी संपूर्ण लाइफस्टाइल को बेहतर बना सकती है।

माइंडफुल ईटिंग क्या है?

माइंडफुल ईटिंग का मतलब है खाना खाते समय पूरी तरह से प्रेज़ेंट रहना।
चबाने की आवाज़, खाने की खुशबू, स्वाद, टेक्सचर, प्लेट में मौजूद रंग — इन सबको महसूस करते हुए धीरे-धीरे खाना ही माइंडफुल ईटिंग है।

यह आदत आपको सिर्फ हेल्दी नहीं बनाती बल्कि आपकी मन की स्थिति को भी संतुलित करती है।

माइंडफुल ईटिंग क्यों ज़रूरी है?

1. बेहतर डाइजेशन

जब आप धीरे-धीरे चबाकर खाते हैं तो लार अच्छी तरह बनती है, जिससे भोजन आसानी से पचता है। तेज़ी में खाया गया खाना सीधा पेट पर बोझ डालता है।

2. बिना ओवरईटिंग के सही मात्रा में खाना

माइंडफुल ईटिंग आपके दिमाग को “मैं भर गया हूँ” का संकेत जल्दी दिलाती है। इससे अधिक खाने की आदत खुद-ब-खुद कम हो जाती है।

3. वजन कंट्रोल में मदद

धीरे खाने से आपका metabolism बेहतर काम करता है और अनचाही कैलोरी जमा नहीं होती।

4. खाने का असली स्वाद महसूस करना

जब ध्यान हटकर मोबाइल, टीवी या बातों में होता है, तब आपको पता ही नहीं चलता कि आपने क्या खाया। माइंडफुल ईटिंग आपको भोजन का प्राकृतिक स्वाद महसूस कराती है।

5. मानसिक तनाव में कमी

यह एक तरह का सरल मेडिटेशन है। खाने पर ध्यान देने से दिमाग शांत होता है और तनाव कम होता है।

माइंडफुल ईटिंग कैसे शुरू करें?

1. खाना खाते समय सिर्फ खाना खाएं

मोबाइल, टीवी, लैपटॉप, बातचीत या किसी और distraction से दूर रहें।

2. खाने को अच्छे से देखें

रंग, आकार, खुशबू और टेक्सचर को महसूस करें। यह आपकी awareness बढ़ाता है।

3. हर बाइट को 20–25 बार चबाएं

अच्छी तरह चबाया हुआ खाना आपकी आंतों के लिए सबसे अच्छा होता है।

4. छोटी-छोटी बाइट लें

एक बार में ज्यादा खाना सिर्फ जल्दी खाने की आदत डालता है।

5. भूख और तृप्ति को पहचानें

खाना तभी खाएं जब सच में भूख लगी हो, सिर्फ आदत या boredom में नहीं।

6. खाने की स्पीड धीमी रखें

प्लेट खत्म करने की जल्दी न करें। हर निवाले को महसूस करें।

माइंडफुल ईटिंग से मिलने वाले बड़े फायदे

  • ब्लोटिंग और गैस की समस्या कम होती है
  • वजन संतुलित रहता है
  • तनाव घटता है
  • नींद बेहतर होती है
  • शरीर में ऊर्जा बनी रहती है
  • भावनात्मक खाना (stress eating) कम होता है

माइंडफुल ईटिंग लाइफस्टाइल को बैलेंस्ड और हैप्पी बनाने के लिए एक बेहद आसान तरीका है। इसे अपनाने के लिए आपको किसी खर्च या कठिन रूटीन की ज़रूरत नहीं, बस थोड़ा-सा ध्यान और समय चाहिए।

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