मोबाइल और सोशल मीडिया पर नियंत्रण कैसे रखें: संतुलित जीवन की ओर कदम Hindi News, November 7, 2025November 7, 2025 आज के दौर में मोबाइल और सोशल मीडिया हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। चाहे काम हो, पढ़ाई हो या मनोरंजन, हर चीज़ में मोबाइल की भूमिका बढ़ गई है। लेकिन इसी सुविधा ने हमें कहीं-न-कहीं इससे अत्यधिक जुड़ाव की तरफ धकेल दिया है। यही जुड़ाव हमारे मन, समय और रिश्तों पर असर डालता है। आइए जानें कि कैसे हम अपने मोबाइल और सोशल मीडिया के उपयोग में संतुलन ला सकते हैं। 1. मोबाइल का सही उपयोग समझें मोबाइल हमारे काम को आसान बनाने के लिए बना है, न कि हमारी ज़िंदगी को नियंत्रित करने के लिए।दिनभर के लिए मोबाइल इस्तेमाल का एक समय तय करें।जैसे — सुबह 30 मिनट और शाम को 1 घंटा सोशल मीडिया के लिए रखें, बाकी समय खुद पर ध्यान दें। 2. अनावश्यक नोटिफिकेशन बंद करें हर थोड़ी देर में आने वाले नोटिफिकेशन हमारा ध्यान भटकाते हैं।आप चाहें तो केवल ज़रूरी ऐप्स के नोटिफिकेशन चालू रखें।इससे आप अपने काम में अधिक ध्यान केंद्रित कर पाएँगे और मन भी शांत रहेगा। 3. सोशल मीडिया पर सीमित समय दें सोशल मीडिया पर घंटों स्क्रॉल करने से मानसिक थकान और नकारात्मकता बढ़ती है।कोशिश करें कि आप दिन में 30 मिनट से अधिक सोशल मीडिया पर न रहें।अगर संभव हो, तो कुछ दिन “सोशल मीडिया ब्रेक” लें — यह मानसिक रूप से बहुत फायदेमंद होता है। 4. सुबह का समय मोबाइल से दूर बिताएँ सुबह-सुबह उठते ही मोबाइल देखने से हमारा दिमाग तुरंत व्यस्त हो जाता है।इसके बजाय कुछ मिनट योग, ध्यान या टहलना अपनाएँ।यह दिनभर आपको शांत और सकारात्मक बनाए रखेगा। 5. नींद से पहले मोबाइल न चलाएँ रात को सोने से पहले मोबाइल चलाना नींद की गुणवत्ता को कम करता है।नींद से एक घंटा पहले फोन को दूर रखें और कोई किताब पढ़ें या संगीत सुनें।यह आदत आपको मानसिक रूप से आराम देगी। 6. वास्तविक रिश्तों को प्राथमिकता दें ऑनलाइन रिश्तों से ज़्यादा मज़बूत हमारे आसपास के लोग होते हैं।परिवार, दोस्तों या बच्चों के साथ समय बिताएँ।यह आपको भावनात्मक रूप से मज़बूत बनाएगा और डिजिटल डिपेंडेंसी घटाएगा। 7. अपने समय का सही प्रबंधन करें मोबाइल का इस्तेमाल एक शेड्यूल के साथ करें।काम के दौरान “डू नॉट डिस्टर्ब” मोड का प्रयोग करें।इससे काम जल्दी होगा और ध्यान भी केंद्रित रहेगा। दोस्तों मोबाइल और सोशल मीडिया को पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं, बस उन पर नियंत्रण रखना सीखना जरूरी है।जब हम अपनी डिजिटल आदतों को समझदारी से अपनाते हैं, तो जीवन में शांति, फोकस और संतुलन अपने आप लौट आता है। सोशल मीडिया और अकेलापन: भारत के युवाओं पर बढ़ता अदृश्य बोझ Health & Care Information Life Style