Skip to content
Thehindinews
Thehindinews

  • Home
  • News Article
  • Story
  • Information
  • blog
  • Life Style
Thehindinews
Thehindinews

बिहार विधानसभा चुनाव 2025_ 243 सीटों पर होगी कड़ी टक्कर

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: दो चरणों में मतदान, 243 सीटों पर होगी कड़ी टक्कर

Hindi News, November 4, 2025November 4, 2025

बिहार में 2025 का विधानसभा चुनाव बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। इस बार सत्ता-पक्ष और विपक्ष के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है। राज्य में कुल 243 सीटों पर चुनाव होंगे, जिसमें मतदान दो चरणों में आयोजित होगा। मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी। राज्य की वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है।

चुनाव कार्यक्रम

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए मतदान दो चरणों में होगा।

  • पहला चरण: 6 नवंबर 2025
  • दूसरा चरण: 11 नवंबर 2025
  • मतगणना: 14 नवंबर 2025

पहले चरण में 121 सीटों और दूसरे चरण में 122 सीटों पर मतदान होगा। बहुमत के लिए किसी भी गठबंधन या पार्टी को कम से कम 122 सीटों की आवश्यकता होगी।

चुनाव का स्वरूप

यह चुनाव राज्य की सत्ता तय करेगा, क्योंकि यह पूर्ण रूप से विधानसभा चुनाव है। इस चुनाव में ग्रामीण विकास, बेरोजगारी, शिक्षा, कानून-व्यवस्था, जातीय गणित और सामाजिक समीकरण अहम भूमिका निभाने वाले हैं।

मुख्य गठबंधन और राजनीतिक समीकरण

बिहार में दो प्रमुख गठबंधन आमने-सामने हैं।

1. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA)

  • प्रमुख दल: भाजपा, JDU और सहयोगी दल
  • सीट-वितरण पर चर्चा: JDUऔर भाजपा दोनों लगभग 100 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में

2. महागठबंधन

  • प्रमुख दल: राजद, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल
  • फोकस मुद्दे: रोजगार, शिक्षा, महँगाई, सामाजिक न्याय

इसके अलावा, जन सुराज और अन्य क्षेत्रीय दल भी चुनाव में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। कई स्वतंत्र चेहरे भी मैदान में उतर रहे हैं, जो मुकाबले को और दिलचस्प बना रहे हैं।

प्रमुख नेताओं और उम्मीदवारों की स्थिति

इस बार कई चर्चित चेहरे चुनावी मैदान में होंगे।

  • मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी राजनीतिक रणनीति और गठबंधन प्रबंधन के साथ चुनाव में उतरेंगे।
  • राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की बिहार में आक्रामक प्रचार योजना है।
  • राजद की ओर से तेजस्वी यादव चुनाव अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं।

मिथिला और अन्य मुख्य क्षेत्र

बिहार के क्षेत्रवार राजनीतिक समीकरण इस चुनाव में खास महत्व रखते हैं।

मिथिला क्षेत्र

  • मिथिला में आलिनगर सहित कई महत्वपूर्ण सीटें इस चुनाव में चर्चा में हैं।
  • लोकगायिका मैथिली ठाकुर को भाजपा ने आलिनगर सीट से उतारा है।
  • मिथिला में सांस्कृतिक और सामाजिक भावनाएँ राजनीति को काफी प्रभावित करती हैं।

मगध क्षेत्र

  • मगध में JDU और भाजपा की पारंपरिक पकड़ मानी जाती है।
  • विपक्ष इस क्षेत्र में बेरोजगारी और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को उठा रहा है।

सीमांचल

  • सीमांचल क्षेत्र में अल्पसंख्यक वोटरों की संख्या अधिक है।
  • यहां तिकोनी लड़ाई की स्थिति बनने की संभावना है।

शेष प्रमुख जिले:

  • पटना: सत्ता-विरोधी लहर और विकास की राजनीति पर फोकस
  • गया: रोजगार, शिक्षा और बुनियादी सुविधाएँ केंद्र में
  • दरभंगा: सांस्कृतिक पहचान और युवा वोटरों की भूमिका
  • मुजफ्फरपुर: व्यापार और कृषि से जुड़े मुद्दे
  • पूर्णिया और किशनगंज: सीमांचल समीकरण और सामाजिक संतुलन

क्या होगा इस चुनाव का मुख्य फोकस

चुनाव में प्रमुख मुद्दे इस प्रकार होंगे:

  • रोजगार और युवाओं के अवसर
  • शिक्षा और सरकारी स्कूलों की स्थिति
  • स्वास्थ्य सेवाएँ और ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था
  • कानून-व्यवस्था
  • जातीय समीकरण और सामाजिक न्याय
  • कृषि और ग्रामीण विकास

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 पूरी तरह राजनीतिक शक्ति-परीक्षण का मंच बनने जा रहा है। दो चरणों में होने वाले मतदान के साथ ही सभी की निगाहें इस पर होंगी कि जनता किसे अपना जनादेश सौंपती है। राजनीतिक दलों के बड़े नेता राज्य भर में जनसभाएँ और रैलियाँ कर रहे हैं। नतीजे यह तय करेंगे कि बिहार विकास की नई दिशा पकड़ता है या राजनीतिक समीकरण एक बार फिर बदल जाते हैं।

भारत में क्लाइमेट चेंज: यह सबसे बड़ा मुद्दा क्यों होना चाहिए और इस पर चर्चा क्यों कम होती है

Information News Article

Post navigation

Previous post
Next post

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • अंकिता भंडारी की मौत: क्या इंसाफ पूरा हुआ या सच अब भी छिपा है?
  • दंतेवाड़ा में 63 माओवादी कैडरों का आत्मसमर्पण: बस्तर में शांति की ओर एक बड़ा कदम
  • ट्रंप-मोदी रिश्ते: कहीं नाराज़गी, कहीं तारीफ़ — असल सच क्या है?
  • भारत की राजनीति क्यों हमेशा इतिहास में उलझी रहती है?
  • सकट चौथ व्रत: संतान सुख और संकटों से रक्षा का पावन पर्व

Advertisement

social link

  • Facebook
  • अंकिता भंडारी की मौत: क्या इंसाफ पूरा हुआ या सच अब भी छिपा है?
  • दंतेवाड़ा में 63 माओवादी कैडरों का आत्मसमर्पण: बस्तर में शांति की ओर एक बड़ा कदम
  • ट्रंप-मोदी रिश्ते: कहीं नाराज़गी, कहीं तारीफ़ — असल सच क्या है?
  • भारत की राजनीति क्यों हमेशा इतिहास में उलझी रहती है?
  • सकट चौथ व्रत: संतान सुख और संकटों से रक्षा का पावन पर्व

Advertisement




©2026 Thehindinews | WordPress Theme by SuperbThemes
Go to mobile version