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WHO का बड़ा खुलासा: भारत निर्मित तीन कफ सिरप में मिला ज़हर — बच्चों की मौतों के बाद जांच तेज़

हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार कुछ कफ सिरप ऐसे हैं, जिनमें हानिकारक रसायन मौजूद हैं और ये बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। दक्षिण एशिया के कुछ देशों में ऐसे सिरप के कारण कई बच्चों की मृत्यु की घटनाएँ सामने आई हैं। यह मामला स्वास्थ्य जगत के लिए चिंता का विषय बन गया है।

मध्य प्रदेश में 23 बच्चों की मौत

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में एक कफ सिरप से 23 बच्चों की मौत हुई है। इस सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकोल (DEG) नामक विषाक्त रसायन पाया गया, जो किडनी फेलियर जैसी गंभीर समस्याएँ पैदा कर सकता है। इस घटना के बाद संबंधित कंपनी के खिलाफ जांच शुरू की गई है और सिरप को बाजार से हटा लिया गया है।

कैसे सामने आया यह खतरा

WHO की जांच में पाया गया कि इन कफ सिरप में मिथाइल प्रोपाइल एथर (MPA) जैसी हानिकारक सामग्री मौजूद थी। यह रसायन बच्चों के शरीर में विषाक्त प्रतिक्रिया पैदा कर सकता है। रिपोर्ट में बताया गया कि सिरप लेने के तुरंत बाद बच्चों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ देखने को मिलीं। इस प्रकार के उत्पादों ने न केवल बच्चों की जान को खतरे में डाला बल्कि माता-पिता और स्वास्थ्यकर्मियों में भी डर पैदा किया।

भारत में जांच और कार्रवाई

WHO की रिपोर्ट सामने आते ही CDSCO (केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन) ने जांच शुरू कर दी।
इन तीनों फार्मा कंपनियों — Sresan Pharmaceutical, Rednex Pharmaceuticals,
और Shape Pharma — की उत्पादन इकाइयों को
अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

इन सिरपों — ColdRif, Respifresh TR, और ReLife — के सेवन से
मध्यप्रदेश और पड़ोसी राज्यों में कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने और कुछ की मौत की ख़बरें सामने आईं।

डॉक्टर और माता-पिता के लिए चेतावनी

WHO ने जोर देकर कहा है कि किसी भी कफ सिरप को बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं देना चाहिए। दवा के लेबल और निर्माता की जानकारी को ध्यान से पढ़ना बेहद जरूरी है। डॉक्टर अब केवल प्रमाणित और सुरक्षित सिरप ही सुझा रहे हैं। माता-पिता को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके बच्चे को कोई भी दवा सुरक्षित स्रोत से ही मिले।

वैश्विक प्रतिक्रिया और कार्रवाई

इस चेतावनी के बाद कई देशों ने इन खतरनाक सिरप्स पर बैन लगा दिया। WHO ने दोषपूर्ण उत्पादों को बाजार से हटाने और वापसी की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, बच्चों के लिए सुरक्षित विकल्पों की जानकारी और जागरूकता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

भविष्य के लिए सीख

यह घटना स्पष्ट करती है कि बच्चों की दवा में गुणवत्ता और सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। केवल प्रमाणित और सुरक्षित उत्पादों का ही उपयोग करना चाहिए। माता-पिता और स्वास्थ्यकर्मी दोनों को सतर्क रहना होगा और बच्चों को किसी भी दवा देने से पहले पूरी जानकारी हासिल करनी चाहिए। इस घटना ने वैश्विक स्तर पर दवा सुरक्षा और निगरानी के महत्व को दोबारा साबित किया है।

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