Skip to content
Thehindinews
Thehindinews

  • Home
  • News Article
  • Story
  • Information
  • blog
  • Life Style
Thehindinews
Thehindinews

मोबाइल से बच्चों को कैसे बचाएँ_ पढ़ाई में मन लगाने के हंसी-खुशी वाले नुस्खे

मोबाइल से बच्चों को कैसे बचाएँ? पढ़ाई में मन लगाने के हंसी-खुशी वाले नुस्खे

Hindi News, September 10, 2025September 10, 2025

आजकल का बच्चा मोबाइल देखकर ऐसे चमक उठता है जैसे किसी को पहली बार सैलरी मिली हो।
अरे भाई, पढ़ाई की किताबें हाथ में देते ही ऐसा मुंह बनाते हैं मानो आपने उन्हें करेला जूस पीने को दे दिया हो।
और जैसे ही मोबाइल हाथ में आए, तो तुरंत “पावर-सेविंग मोड” से “टर्बो मोड” में चले जाते हैं।

तो असली टेंशन ये है कि बच्चों को मोबाइल से कैसे दूर रखा जाए और पढ़ाई में उनका मन कैसे लगाया जाए।
चलिए, कुछ मज़ेदार और काम के नुस्खे बताते हैं।

1. मोबाइल को “दुश्मन” मत समझो

अगर आप बच्चों से मोबाइल पूरी तरह छीन लोगे तो बच्चे आपको दुश्मन नंबर 1 मान लेंगे।
वो ऐसे रिएक्ट करेंगे जैसे कोई उनकी “लाइफ सपोर्ट मशीन” खींच ली हो।
इसलिए स्मार्ट पेरेंट्स यही करते हैं – मोबाइल का समय तय कर देते हैं।
जैसे – “पढ़ाई करो, फिर गेम खेलो” या “1 घंटा पढ़ाई = 30 मिनट मोबाइल”।
ये डील बच्चों को भी समझ आती है।

2. पढ़ाई को गेम बना दो

बच्चों के लिए किताबें उतनी बोरिंग हैं जितनी टीवी पर पुराने जमाने की सीरियल।
तो क्यों न पढ़ाई को गेम जैसा बनाया जाए?
क्विज़ कराओ, पॉइंट्स दो, या छोटा-सा इनाम रखो – “जो सबसे जल्दी टेबल याद करेगा, उसे मिलेगा चॉकलेट”।
बस फिर देखो, बच्चा ऐसे पढ़ेगा जैसे PUBG खेल रहा हो।

3. खुद भी रोल मॉडल बनो

बच्चे वो नहीं करते जो आप कहते हो, बच्चे वही करते हैं जो आप करते हो।
अगर मम्मी-पापा खुद हर वक्त मोबाइल में लगे रहते हैं – व्हाट्सऐप, फेसबुक, इंस्टा –
तो बच्चा क्यों छोड़ेगा मोबाइल?
तो जनाब, किताब हाथ में लो, अख़बार पढ़ो, या शतरंज खेलो।
बच्चा कहेगा – “अरे, ये तो मज़ेदार चीज़ है, चलो ट्राय करते हैं!”

ज़िंदगी बदलने वाली सर्वश्रेष्ठ किताबें: वो 5 पुस्तकें जो आपकी सोच और जीवन को नई दिशा देंगी

4. बाहर की दुनिया दिखाओ

बच्चों को घर में बंद मत रखो।
उनको क्रिकेट, बैडमिंटन, डांस, पेंटिंग या म्यूज़िक जैसी एक्टिविटीज़ में लगाओ।
जब बच्चा मैदान में भाग-दौड़ करेगा, तो घर आकर मोबाइल के बजाय नींद ढूँढेगा।
और आपको भी थोड़ी राहत मिलेगी – “वाह, आज तो मोबाइल भूल ही गया!”

5. छोटे-छोटे इनाम

बच्चे इनाम के पीछे ऐसे भागते हैं जैसे मच्छर मिठाई के पीछे।
तो पढ़ाई के लिए छोटा-सा इनाम रखो।
जैसे – “अगर तुमने 1 घंटा पढ़ाई करी, तो आज तुम्हें अपनी पसंद का स्नैक मिलेगा”।
ये ट्रिक बच्चों पर 100% काम करती है।

आखिर में नतीजा

बच्चों को मोबाइल से पूरी तरह दूर करना शायद मुश्किल हो,
लेकिन स्मार्ट तरीके अपनाकर उन्हें धीरे-धीरे पढ़ाई की तरफ खींचा जा सकता है।
याद रखिए – बच्चे प्यार और मज़ाक से जल्दी सीखते हैं,
डांट और मोबाइल छीनने से नहीं।

अगली बार जब आपका बच्चा मोबाइल में PUBG या Free Fire में हीरो बना रहे,
तो इन नुस्खों को अपनाइए।
कौन जाने, कल वही बच्चा किताबों का भी हीरो बन जाए।

आंगनवाड़ी केंद्र की कुछ अंदरूनी सच्चाई, जानें पूरी जानकारी

blog Life Style

Post navigation

Previous post
Next post

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • अंकिता भंडारी की मौत: क्या इंसाफ पूरा हुआ या सच अब भी छिपा है?
  • दंतेवाड़ा में 63 माओवादी कैडरों का आत्मसमर्पण: बस्तर में शांति की ओर एक बड़ा कदम
  • ट्रंप-मोदी रिश्ते: कहीं नाराज़गी, कहीं तारीफ़ — असल सच क्या है?
  • भारत की राजनीति क्यों हमेशा इतिहास में उलझी रहती है?
  • सकट चौथ व्रत: संतान सुख और संकटों से रक्षा का पावन पर्व

Advertisement

social link

  • Facebook
  • अंकिता भंडारी की मौत: क्या इंसाफ पूरा हुआ या सच अब भी छिपा है?
  • दंतेवाड़ा में 63 माओवादी कैडरों का आत्मसमर्पण: बस्तर में शांति की ओर एक बड़ा कदम
  • ट्रंप-मोदी रिश्ते: कहीं नाराज़गी, कहीं तारीफ़ — असल सच क्या है?
  • भारत की राजनीति क्यों हमेशा इतिहास में उलझी रहती है?
  • सकट चौथ व्रत: संतान सुख और संकटों से रक्षा का पावन पर्व

Advertisement




©2026 Thehindinews | WordPress Theme by SuperbThemes
Go to mobile version