उत्तराखंड में हाल ही में आयोजित UKSSSC (Uttarakhand Subordinate Services Selection Commission) की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा में पेपर लीक की घटना सामने आई, जिसने छात्रों, अभिभावकों और राज्य सरकार के लिए चिंता बढ़ा दी। मुख्य आरोपी मोहम्मद ख़ालिद मलिक ने परीक्षा के दौरान पेपर के तीन पन्नों की तस्वीरें खींची और उन्हें अपनी बहन सबिया मलिक को भेजा। सबिया ने उन तस्वीरों को एक सहायक प्रोफेसर तक पहुँचाया, जिसने उन्हें छात्रों तक पहुँचाया। इस जानकारी के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पेपर लीक की पुष्टि हुई।
परीक्षा केंद्र में सुरक्षा में चूक
जांच में यह पता चला कि परीक्षा केंद्र में मोबाइल जैमर की कमी थी और CCTV निगरानी में खामियां थीं। इन कमज़ोरियों का फायदा उठाकर आरोपी ने पेपर लीक किया। इस घटना ने यह स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रणाली में सुरक्षा के दृष्टिकोण से गंभीर सुधार की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने आरोपियों को “नकल जिहादी” करार देते हुए चेतावनी दी कि ऐसे तत्व बख्शे नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस मामले में पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई करेगी और दोषियों को कानून के अनुसार दंडित किया जाएगा।
गिरफ्तारियां और जांच प्रक्रिया
पुलिस ने मुख्य आरोपी मोहम्मद ख़ालिद मलिक को हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र से गिरफ्तार किया। उसके सहयोगी को भी गिरफ्तार किया गया। आरोपियों ने छात्रों से 12-15 लाख रुपये की मांग की थी। उत्तराखंड सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसकी निगरानी सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश करेंगे। SIT को एक महीने के भीतर जांच पूरी करने का निर्देश दिया गया है।
छात्रों और जनता की प्रतिक्रिया
छात्रों और बेरोजगार संघों ने देहरादून और अल्मोड़ा में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया। छात्रों ने परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग की। मुख्यमंत्री धामी ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस घटना ने छात्रों और समाज में भारी असंतोष पैदा किया।
भविष्य की कार्रवाई और सुधार
सत्ता पक्ष ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए परीक्षा प्रणाली में सुधार की योजना बनाई है। इसके तहत परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा बढ़ाने, मोबाइल जैमर और CCTV निगरानी को मजबूत करने जैसे कदम उठाए जाएंगे। इसका उद्देश्य है कि भविष्य में छात्रों की मेहनत पर कोई असर न पड़े और परीक्षा निष्पक्ष ढंग से हो।
UKSSSC पेपर लीक की घटना ने यह दिखाया कि परीक्षा सुरक्षा और निगरानी में कमज़ोरियां हैं। सरकार और शिक्षा विभाग ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है, साथ ही भविष्य में ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
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