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शाहरुख खान नाम का राक्षस है, उसकी फिल्म कभी मत देखना। पक्का जेहादी है वो : नंदकिशोर गुर्जर, भाजपा विधायक, गाजियाबाद (यूपी)

शाहरुख खान नाम का राक्षस है, उसकी फिल्म कभी मत देखना। नंदकिशोर गुर्जर बयान

शाहरुख खान नाम का राक्षस है, उसकी फिल्म कभी मत देखना। नंदकिशोर गुर्जर बयान

हाल के दिनों में सोशल मीडिया और कुछ मंचों पर एक बयान तेजी से वायरल हुआ, जिसमें गाजियाबाद (यूपी) से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर के नाम से यह कहा गया कि “शाहरुख खान नाम का राक्षस है, उसकी फिल्म कभी मत देखना, पक्का जेहादी है”। इस बयान ने राजनीतिक और सामाजिक बहस को और तेज कर दिया।

यह मामला आईपीएल से जुड़ा है। शाहरुख खान एक आईपीएल टीम के सह-मालिक हैं। टीम में एक बांग्लादेशी खिलाड़ी को शामिल किए जाने को लेकर कुछ नेताओं ने आपत्ति जताई। इसी संदर्भ में नंदकिशोर गुर्जर ने मंच से कड़े शब्दों में विरोध दर्ज कराया और टीम के बहिष्कार जैसी बातें कहीं।

आईपीएल में खिलाड़ी का चयन कैसे होता है?

आईपीएल में किसी खिलाड़ी को टीम में लेने का फैसला अकेले टीम मालिक नहीं करता। खिलाड़ी पहले आईपीएल ऑक्शन में आता है, जिसे लीग के अधिकारी और क्रिकेट बोर्ड मिलकर तय करते हैं। कौन-सा खिलाड़ी ऑक्शन में आएगा, उसे खेलने की अनुमति मिलेगी या नहीं, यह सब आईपीएल के नियमों के अनुसार तय होता है। टीम मालिक केवल उन्हीं खिलाड़ियों में से चुन सकते हैं जो ऑक्शन में उपलब्ध होते हैं। इसलिए किसी एक खिलाड़ी के चयन को लेकर सीधे किसी एक मालिक पर आरोप लगाना पूरी तरह सही नहीं माना जा सकता। यह एक खेल की तय प्रक्रिया है, न कि किसी व्यक्ति का निजी फैसला।

राजनीति और भावनाओं का टकराव

आईपीएल जैसे खेल आयोजन में विदेशी खिलाड़ियों की भागीदारी कोई नई बात नहीं है। लेकिन जब यह विषय राजनीतिक और धार्मिक भावनाओं से जुड़ जाता है, तो बयानबाज़ी तेज हो जाती है। इससे मुद्दे का असली पक्ष पीछे छूट जाता है और समाज में अनावश्यक तनाव पैदा होता है।

इस पूरे विवाद में तथ्यों और भावनात्मक बयानों के बीच फर्क करना बेहद जरूरी है। किसी भी व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाने से पहले प्रमाण देखना और जिम्मेदारी से बात करना लोकतंत्र और समाज दोनों के हित में है।

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