जब सरकार पेट्रोल-डीजल महंगा करती है, तो जनता चुप नहीं बैठती — वो रास्ता निकाल लेती है। मई 2026 में यही हुआ। पेट्रोल-डीजल के दाम ₹8 प्रति लीटर तक बढ़े, CNG भी महंगी हुई — और इसी के साथ भारत में Electric Vehicles की बिक्री ने एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया जो पहले कभी नहीं बना था।
FADA (Federation of Automobile Dealers Associations) के official data के मुताबिक, मई 2026 में पहली बार भारत में EV की बिक्री कुल automobile market के 11% को पार कर गई। यह आंकड़ा सुनने में छोटा लग सकता है, लेकिन इसका मतलब बहुत बड़ा है — जनता अब खुद फैसला कर रही है कि उसे किस पर भरोसा करना है।
जब सरकार नहीं बदलती, तो जनता खुद बदल लेती है अपना रास्ता।
January 2026 में EV की हिस्सेदारी सिर्फ 4.1% थी। मार्च में 5.9% हुई। और मई तक 11% पार हो गई। यह कोई इत्तेफाक नहीं है — यह सीधा जवाब है उस महंगाई का जो आम आदमी हर रोज़ झेल रहा है।
- TVS Motor — two-wheeler segment में नंबर 1, 42,415 units, 64% YoY growth
- Tata Motors — electric car segment में 10,517 EV units बेचीं, 85% YoY growth, अपना अब तक का सबसे बड़ा monthly record
- Ather Energy — 28,211 units, sales double हुई year-on-year
- Ola Electric — 15,139 units, Bajaj Auto — 39,142 Chetak units, 73% growth
EV की बिक्री बढ़ रही है — यह अच्छी खबर है। लेकिन क्या हर आम आदमी EV खरीद सकता है? एक electric car की शुरुआती कीमत आज भी ₹8-10 लाख से ऊपर है। जो रोज़ पेट्रोल का दाम देखकर परेशान होता है, क्या वो इतना खर्च कर सकता है?
EV की बिक्री record पर है — लेकिन सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि सस्ते EV options, बेहतर charging infrastructure और subsidy हर वर्ग तक पहुँचे। जनता रास्ता निकाल रही है — सरकार की ज़िम्मेदारी है कि वो उस रास्ते को आसान बनाए।
मई 2026 का यह रिकॉर्ड सिर्फ एक number नहीं है। यह भारत की जनता का वो जवाब है जो वो ballot box के बाहर भी देती है — अपनी जेब से, अपने फैसले से।

