हरियाणा पुलिस ने राज्य में बढ़ते अपराध पर रोक लगाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है, जिसे ऑपरेशन ट्रैकडाउन नाम दिया गया है। इस अभियान का मकसद है—राज्य में सक्रिय कुख्यात अपराधियों, गैंगस्टरों, फरार आरोपियों और वारंटियों को पहचानकर उन्हें काबू में लेना।
सरकारी डेटा के अनुसार, अब तक इस अभियान के तहत 7,587 अपराधियों को पकड़ा जा चुका है, जिनमें कई ऐसे आरोपी भी शामिल हैं जो लंबे समय से फरार थे और पुलिस की पकड़ से बाहर थे।
क्या है ऑपरेशन ट्रैकडाउन?
यह एक विशेष राज्यव्यापी अभियान है जिसमें पुलिस की कई टीमों ने एक साथ मिलकर कार्रवाई की।
इस अभियान के तहत इन अपराधियों को टारगेट किया गया:
- मोस्ट वांटेड अपराधी
- बाउंसर और गैंग के सक्रिय सदस्य
- फरार आरोपी
- वारंट के तहत वांछित लोग
- अवैध गतिविधियों में शामिल दुबारा अपराध करने वाले व्यक्ति
कैसे की गई कार्रवाई
पुलिस ने टेक्नोलॉजी, सीसीटीवी सर्विलांस, ड्रोन, डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल ट्रैकिंग और स्पेशल टीमों की मदद से छापेमारी की।
कई जिलों में एक साथ रातभर ऑपरेशन चलाए गए, जिससे अपराधियों को भागने का मौका नहीं मिला।
टीमों ने ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में लगातार दबिश दी, जिसकी वजह से हजारों की संख्या में आरोपी गिरफ्तार किए जा सके।
अभियान का प्रभाव
ऑपरेशन ट्रैकडाउन की वजह से:
- कई गैंगों की गतिविधियों पर रोक लगी
- फरार और पुराने मामलों में गिरफ्तारी तेज हुई
- आपराधिक घटनाओं में कमी आई
- लोगों में सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ा
यह अभियान कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
आगे की तैयारी
पुलिस ने यह भी बताया है कि यह अभियान अब रुकने वाला नहीं है। आने वाले हफ्तों में और भी क्षेत्रों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि किसी भी अपराधी को खुला नहीं छोड़ा जा सके।
हरियाणा में सुरक्षा बढ़ाने और अपराध पर नियंत्रण के लिए इस तरह की विशेष रणनीतियाँ आगे भी जारी रहेंगी।

