10 जून 2026 की रात — ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य में एक तेल टैंकर MT Settebello पर अमेरिकी सेना ने हमला किया। जहाज पर 24 भारतीय नाविक सवार थे। 21 को बचा लिया गया — लेकिन तीन की लाशें समंदर में मिलीं। उनके नाम हैं — आदित्य शर्मा, शिवानंद चौरसिया, और पटनाला सुरेश। ये तीनों रोज़ी-रोटी कमाने के लिए समंदर गए थे, और वापस नहीं आए।
- 10 जून 2026 को US CENTCOM ने Palau-flagged टैंकर MT Settebello पर हमला किया — ओमान तट के पास।
- अमेरिका का कहना था कि जहाज ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा था।
- जहाज पर 24 भारतीय नाविक थे — 21 बचाए गए, 3 की मौत हो गई।
- मारे गए नाविक: आदित्य शर्मा, शिवानंद चौरसिया, पटनाला सुरेश।
- 8 जून: MT Marivex पर पहला हमला — 24 भारतीय, सभी बचाए गए।
- 10 जून: MT Settebello पर हमला — 3 भारतीय नाविकों की मौत।
- 11 जून: MT Jalveer पर तीसरा हमला — 20 भारतीय, सभी सुरक्षित।
- 11 जून को ही तीनों की मौत confirm हो गई — देश में गुस्सा था।
- 13 जून: मोदी जी France रवाना हो गए — G7 Summit के लिए।
आदित्य शर्मा ने हमले से दो हफ्ते पहले अपने पिता को बताया था कि अमेरिकी नौसेना ने जहाज को दो बार चेतावनी दी है। उनके दादा ने PTI से कहा — “हम पूरी सच्चाई जानना चाहते हैं। हमारा दिल टूट गया है।” शिवानंद के पिता रामी का रोते हुए वीडियो पूरे देश में वायरल हुआ।
अमेरिका की प्रतिक्रिया — माफी नहीं, धमकी ज़रूर
भारत ने Washington के Chargé d’Affaires Jason Meeks को तलब किया और कड़ा विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio से फोन पर बात की। लेकिन Rubio ने हमलों को सही ठहराया — कोई खेद नहीं, कोई माफी नहीं, नियमों में बदलाव का कोई आश्वासन नहीं।
The Wire की रिपोर्ट के अनुसार — न मोदी जी ने, न किसी सीनियर मंत्री ने सीधे अमेरिका की निंदा की। यह स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार हुआ जब अमेरिकी सेना ने भारतीय नागरिकों को मारा।
मोदी जी का France दौरा — timing पर सवाल
11 जून को तीनों नाविकों की मौत confirm हो चुकी थी। अमेरिका ने कोई खेद नहीं जताया था। देश में गुस्सा था, opposition सड़क पर थी। और इन सबके बावजूद — सिर्फ दो दिन बाद, 13 जून को — PM मोदी France के लिए रवाना हो गए। साफ करें — हमले के वक्त वह देश में थे, लेकिन मौत confirm होने के बाद भी दौरा रद्द नहीं किया।
France में 16-17 जून को G7 Summit है, और 17 जून को उसी Trump से मुलाकात तय है जिनकी सेना ने हमारे नाविक मारे। BusinessToday की रिपोर्ट के अनुसार, नाविकों का मुद्दा इस बैठक के agenda में “भी” है — लेकिन मुख्य एजेंडा India-US trade deal है।
Gulf of Oman में इस वक्त 500 से ज़्यादा भारतीय नाविक सक्रिय हैं। यह वह इलाका है जहाँ ईरान-अमेरिका युद्ध के चलते व्यापारिक जहाजों पर हमले जारी हैं। भारत ने इस क्षेत्र में अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम सार्वजनिक रूप से नहीं उठाया है।
सवाल जो हर भारतीय को पूछना चाहिए
जब Operation Ganga हुआ, जब Operation Kaveri चला — तब सरकार ने खूब प्रचार किया कि “हमारा नेता दुनिया के किसी भी कोने से भारतीयों को वापस लाता है।” लेकिन जब हमलावर अमेरिका हो — तो “कड़ा विरोध” एक X पोस्ट तक सिमट जाता है?
असली संप्रभुता का मतलब यही है — कि जब कोई ताकतवर देश आपके नागरिक को मारे, तब भी आप चुप न रहें। तीन परिवार आज उजड़ चुके हैं। आदित्य, शिवानंद और सुरेश — ये नाम भूलने नहीं चाहिए।

