14 दिसंबर 2025 को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में फुटबॉल जगत के सबसे बड़े सितारे लियोनेल मैसी के सम्मान में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह था। सुबह से ही स्टेडियम के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई थी। फैंस सिर्फ एक झलक पाने के लिए घंटों इंतज़ार करते दिखे।
उम्मीद और हकीकत के बीच नाराज़गी
कार्यक्रम शुरू होते ही माहौल पूरी तरह जोशीला था। लोग “Messi, Messi” के नारे लगा रहे थे। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, कई दर्शकों को यह महसूस हुआ कि उन्हें मैसी को ठीक से देखने का मौका नहीं मिल पाएगा। भीड़ अधिक थी, व्यवस्था सीमित थी और इसी कारण कुछ लोगों में नाराज़गी भी बढ़ने लगी।
रेखा गुप्ता के मंच पर आते ही बदला माहौल
कार्यक्रम के दौरान जैसे ही दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मंच पर पहुंचीं, उसी समय स्टेडियम में मौजूद कुछ लोगों ने अचानक “AQI, AQI” के नारे लगाने शुरू कर दिए। यह नारे किसी पार्टी या व्यक्ति के खिलाफ नहीं थे, बल्कि दिल्ली की खराब हवा को लेकर जनता की नाराज़गी का इज़हार थे।
लोग यह बताना चाहते थे कि राजधानी की एयर क्वालिटी लंबे समय से खराब बनी हुई है और इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के इंटरव्यू बयानों पर उठते गंभीर सवाल
क्यों उठा AQI का मुद्दा?
दिसंबर 2025 में दिल्ली की हवा पहले से ही चिंता का विषय बनी हुई थी। धुंध, प्रदूषण और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याओं से लोग परेशान थे। ऐसे में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन के दौरान जब मुख्यमंत्री मंच पर आईं, तो कुछ लोगों ने इस मौके को अपनी बात रखने का सही समय माना।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई घटना
कार्यक्रम के कुछ ही घंटों बाद “AQI, AQI” के नारे लगाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। कुछ लोगों ने इसे गलत समय पर किया गया विरोध बताया, तो कई लोगों ने कहा कि जनता को अपनी समस्या रखने का पूरा हक है, चाहे मंच कोई भी हो।
14 दिसंबर 2025 का यह कार्यक्रम सिर्फ मैसी के नाम नहीं रहा, बल्कि यह घटना इस बात की याद दिलाने वाली बन गई कि बड़े सितारों और बड़े आयोजनों के बीच भी आम लोगों की रोज़मर्रा की परेशानियां उतनी ही अहम हैं।
मैसी का दौरा खेल प्रेमियों के लिए यादगार रहा, लेकिन “AQI, AQI” के नारे यह साफ दिखा गए कि दिल्ली की हवा आज भी लोगों के लिए सबसे बड़ा मुद्दा बनी हुई है।

