जून 2026 के पहले हफ्ते में Gulf of Oman में कुछ ऐसा हुआ जो आज़ाद भारत के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ था — अमेरिकी सेना ने तीन commercial जहाज़ों पर हमला किया, तीनों पर भारतीय नाविक सवार थे और एक हमले में तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई।
तीन जहाज़, चार दिन, एक के बाद एक हमले
- 8 जून — MT Marivex: Palau के झंडे वाले इस tanker पर US ने हमला किया। 24 भारतीय नाविक सवार थे — Oman की military ने सभी को सुरक्षित बचाया।
- 9-10 जून — MT Settebello: Palau के झंडे वाले इस oil tanker पर US aircraft ने precision munitions दागे — सीधे engine room में। 24 भारतीय थे, 21 बचे, 3 की मौत हुई।
- 11 जून — MT Jalveer: Guinea-Bissau के झंडे वाले इस tanker पर US ने दो Hellfire missiles मारे। 20 भारतीय नाविक थे — सभी सुरक्षित निकाले गए।
कौन थे वो तीन जो नहीं लौटे?
MT Settebello पर सवार Aditya Sharma हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के रहने वाले थे — महज़ 23 साल के। Deck Cadet थे, सिर्फ छह महीने पहले ही maritime service join की थी। उनके दादा ने PTI से कहा — “हम सच जानना चाहते हैं। हमारे दिल टूट गए हैं।” Aditya के परिवार ने बताया कि जहाज़ पर US Navy की तरफ से हमले से दो हफ्ते पहले ही दो warnings आ चुकी थीं।
US और Iran के बीच 2026 में युद्ध छिड़ा हुआ है। 13 अप्रैल 2026 को अमेरिका ने Iran पर naval blockade लगाया — Strait of Hormuz से गुज़रने वाले किसी भी जहाज़ को, जो ईरानी तेल ले जा रहा हो या ईरानी port जा रहा हो, रोकने का आदेश दिया। इस blockade के तहत अब तक 9 जहाज़ physically disable किए जा चुके हैं और 134 को वापस मोड़ा गया है।
America का तर्क क्या है?
US CENTCOM का कहना है कि MT Settebello ईरानी तेल ले जा रहा था और MT Marivex ईरानी port जाने की कोशिश कर रहा था — दोनों ने बार-बार warnings को नज़रअंदाज़ किया। लेकिन MT Settebello को operate करने वाली UAE की कंपनी IOS Marine FZE ने साफ कहा — “हमारा Iran या ईरानी तेल से कोई लेना-देना नहीं है।” कंपनी ने international investigation की माँग की है।
भारत सरकार का रवैया
भारत सरकार ने हमले की निंदा की और US के Chargé d’Affaires Jason Meeks को दो बार तलब किया — एक बार बुधवार को Settebello हमले के बाद, दूसरी बार शुक्रवार को Jalveer हमले के बाद। MEA spokesperson Randhir Jaiswal ने कहा — “यह हमले बंद होने चाहिए।” Shipping Minister Sarbananda Sonowal ने इसे “deeply unfortunate” बताया।
सरकार ने यह भी कहा कि वो G7 summit (15-17 जून, France) में यह मुद्दा उठाएगी जहाँ PM Modi के Trump से मिलने की संभावना है।
— Centre of Indian Trade Unions (CITU)
विपक्ष का क्या कहना है?
Congress नेता Rahul Gandhi ने PM Modi पर सीधा हमला बोला। उन्होंने X पर लिखा — “तीन भारतीय मारे गए, तीन जहाज़ों पर तीन दिन में हमला हुआ। और हमारे PM? एक शब्द नहीं।” Gandhi ने आगे कहा कि Modi अगले हफ्ते G7 में Trump से मिलकर मुस्कुराएंगे, गले मिलेंगे, agreements करेंगे — लेकिन तीन मारे गए नाविकों के लिए एक शब्द नहीं बोलेंगे।
Congress ने माँग की कि सरकार मारे गए नाविकों के परिवारों को तुरंत मुआवज़ा दे, शव जल्द से जल्द वापस लाए और diplomatic मोर्चे पर जवाबदेही सुनिश्चित करे।
असली सवाल क्या है?
भारत दुनिया में seafarers का तीसरा सबसे बड़ा supplier है — 3 लाख से ज़्यादा भारतीय नाविक दुनियाभर के जहाज़ों में काम करते हैं। जब एक दोस्त माने जाने वाला देश बिना माफी माँगे भारतीयों को मारता है और government diplomatic protest से आगे नहीं जाती — तो यह सवाल स्वाभाविक है कि क्या हमारे नागरिकों की जान की कीमत diplomatic relations से कम है?

