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फेक न्यूज़ को पहचानने के आसान तरीके – अब धोखा मत खाइए!

फेक न्यूज़ को पहचानने के आसान तरीके – अब धोखा मत खाइए!

Hindi News, August 13, 2025August 13, 2025

आज के समय में न्यूज़ सिर्फ अख़बार या टीवी तक सीमित नहीं रह गई है। व्हाट्सऐप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, और अब तो यूट्यूब शॉर्ट्स तक—हर जगह सूचनाओं की बाढ़ है। लेकिन इस बाढ़ में सच्चाई और झूठ का फर्क करना मुश्किल हो गया है। कई बार हम बिना सोचे-समझे कोई खबर पढ़ते हैं, मान लेते हैं और आगे शेयर भी कर देते हैं। नतीजा? अफवाह फैलती है, डर बढ़ता है और सच्चाई पीछे छूट जाती है।

तो चलिए, जानते हैं फेक न्यूज़ को कैसे पहचाने इसके कुछ आसान और कारगर तरीके

1. खबर का सोर्स देखें

अगर कोई न्यूज़ बहुत चौंकाने वाली लगे, तो सबसे पहले देखें कि इसे किसने पब्लिश किया है। क्या वह कोई भरोसेमंद न्यूज चैनल, अख़बार या सरकारी स्रोत है? अगर लिंक किसी अजीब वेबसाइट का है, तो सावधान हो जाएं।

2. हेडलाइन के जाल में मत फंसें

फेक न्यूज़ अक्सर चटपटी या डराने वाली हेडलाइन के साथ आती है—
जैसे “आपको जानकर सदमा लगेगा…”, “बस 24 घंटे में खत्म हो जाएगा…”.
पूरी खबर पढ़ें, सिर्फ हेडलाइन पर भरोसा न करें।

3. फोटो और वीडियो की जांच करें

आजकल फोटो-वीडियो भी एडिट या पुराने री-यूज़ किए जाते हैं। गूगल रिवर्स इमेज सर्च या टूल्स जैसे InVID का इस्तेमाल करके देखें कि फोटो असली है या नहीं, और कहां-कहां इस्तेमाल हुई है।

4. तारीख और संदर्भ चेक करें

कई बार पुरानी खबर को नई बनाकर फैलाया जाता है। इसलिए खबर की पब्लिश डेट और उसमें दिए गए तथ्यों का समय जरूर देखें।

5. दूसरी जगह से कन्फर्म करें

अगर कोई न्यूज सच है, तो वह सिर्फ एक जगह नहीं, कई भरोसेमंद प्लेटफॉर्म पर मिलेगी। एक ही स्रोत पर भरोसा करने से बचें।

6. अपनी भावनाओं पर काबू रखें

फेक न्यूज़ अक्सर गुस्सा, डर या सहानुभूति जगाने वाली होती है, ताकि आप बिना सोचे तुरंत शेयर कर दें। ऐसे में थोड़ा रुककर सोचें—क्या मैं किसी झूठ का हिस्सा बन रहा हूँ?

7. फैक्ट-चेक वेबसाइट का इस्तेमाल करें

भारत में Alt News, Boom Live, Factly जैसी वेबसाइटें फेक न्यूज़ की जांच करती हैं। किसी भी संदिग्ध खबर को वहां सर्च करके चेक करें।

याद रखें:
आज की दुनिया में जागरूक रहना उतना ही जरूरी है जितना एक अच्छे इंसान बनना। अगली बार कोई चौंकाने वाली खबर मिले, तो उसे सच मानने से पहले इन तरीकों से परख लें।

यह भी जानें : मंदिर क्यों जाते हैं? जानिए इसके पीछे छिपे वैज्ञानिक कारण और भावनात्मक जुड़ाव

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