नोएडा पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जो खुद को भारत की खुफिया एजेंसी RAW (Research and Analysis Wing) का अधिकारी बताकर लोगों को गुमराह कर रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी कई दिनों से फर्जी पहचान का उपयोग कर सरकारी अधिकारियों से संपर्क बना रहा था और खुद को संवेदनशील विभाग से जुड़ा बताता था।
कैसे पकड़ा गया आरोपी
पुलिस को उसकी गतिविधियों पर शक तब हुआ जब उसने एक सरकारी दफ्तर में जाकर विशेष अनुमति की मांग की और खुद को RAW का अधिकारी बताया। अधिकारियों ने उसकी पहचान की पुष्टि करने के लिए पूछताछ की, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज़ नहीं दिखा सका। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर जांच शुरू की गई।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि उसके पास फर्जी आईडी कार्ड और कई नकली दस्तावेज़ मौजूद थे।
पुलिस ने क्या बरामद किया
जांच के दौरान आरोपी के पास से कई चीज़ें मिलीं, जिनसे यह साफ होता है कि वह लंबे समय से खुद को खुफिया एजेंसी से जुड़ा दिखाने की कोशिश कर रहा था।
बरामद सामान में शामिल हैं:
- फर्जी पहचान पत्र
- लैपटॉप और मोबाइल डिवाइस
- संवेदनशील पास दिखाने वाले नकली कार्ड
- एजेंसी से जुड़े दिखने वाले दस्तावेज़
पुलिस का कहना है कि आरोपी इनका इस्तेमाल लोगों को झांसा देने और सरकारी कार्यालयों में विशेष पहुंच पाने के लिए करता था।
आगे क्या होगी कार्रवाई
नोएडा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसके संपर्क किस-किस से थे और क्या उसने किसी से पैसे वसूलने की कोशिश भी की थी।
प्रशासन यह भी जांच रहा है कि कहीं उसके तार किसी बड़े फर्जीवाड़े से तो नहीं जुड़े हुए हैं।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
पुलिस ने आम जनता को चेतावनी दी है कि अगर कोई व्यक्ति खुद को किसी विशेष सरकारी एजेंसी से जुड़ा बताता है तो उसकी पहचान की पुष्टि करना ज़रूरी है।
खुफिया एजेंसी के अधिकारी आमतौर पर सार्वजनिक रूप से पहचान उजागर नहीं करते, इसलिए ऐसे मामलों में सतर्क रहना बेहद आवश्यक है।

