2026 की शुरुआत में जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज़ों का एक बड़ा हिस्सा सार्वजनिक किया गया। अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी इस नए सेट में लाखों पन्नों के रिकॉर्ड शामिल बताए गए हैं। इन दस्तावेज़ों में ई-मेल, संपर्क सूचियाँ, फ्लाइट लॉग, गवाहों के बयान, जांच से जुड़े नोट्स और अन्य प्रशासनिक रिकॉर्ड शामिल हैं।
यह मामला अमेरिकी फाइनेंसर Jeffrey Epstein से जुड़ा है, जिन्हें 2019 में नाबालिग लड़कियों की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। बाद में जेल में उनकी मौत हो गई। उनकी सहयोगी Ghislaine Maxwell को अदालत ने दोषी ठहराया और सजा सुनाई।
फाइल्स में क्या है?
रिलीज़ किए गए दस्तावेज़ों में निम्न प्रकार की सामग्री शामिल है:
- निजी जेट के फ्लाइट लॉग
- ई-मेल संवाद और संपर्क रिकॉर्ड
- गवाहों के बयान
- सामाजिक और कारोबारी संपर्कों का उल्लेख
यह समझना जरूरी है कि किसी व्यक्ति का नाम इन दस्तावेज़ों में दिखाई देना अपने आप में अपराध सिद्ध नहीं करता। कई नाम सिर्फ संपर्क या सामाजिक दायरे के कारण दर्ज हो सकते हैं।
विदेशी बड़े नामों का उल्लेख
दस्तावेज़ों में जिन अंतरराष्ट्रीय हस्तियों का अलग-अलग संदर्भों में उल्लेख हुआ है, उनमें शामिल हैं:
- Donald Trump – 1990 के दशक में सामाजिक परिचय और कार्यक्रमों के संदर्भ में नाम सामने आया।
- Bill Clinton – फ्लाइट लॉग और संपर्क रिकॉर्ड में उल्लेख।
- Prince Andrew – जिन पर सिविल मुकदमा चला और बाद में समझौते के जरिए मामला सुलझाया गया।
अब तक उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड के आधार पर, इन नामों में से अधिकांश के खिलाफ एपस्टीन के अपराध नेटवर्क में आपराधिक दोष सिद्ध नहीं हुआ है।
भारत से जुड़ी चर्चा
सोशल मीडिया पर भारतीय नेताओं को लेकर भी दावे किए गए। कुछ ई-मेल संदर्भों में Narendra Modi का नाम होने की बात कही गई, लेकिन सार्वजनिक रूप से उपलब्ध दस्तावेज़ों में उन्हें आरोपी के रूप में नामित नहीं किया गया है और उनके खिलाफ कोई आपराधिक आरोप दर्ज नहीं है।
कौन दोषी ठहराया गया?
कानूनी रूप से जिन व्यक्तियों को दोषी ठहराया गया है:
- जेफ्री एपस्टीन (पहले के मामलों में दोषी यौन अपराधी)
- घिस्लेन मैक्सवेल (फेडरल कोर्ट द्वारा दोषी करार)
इसके अलावा जिन प्रभावशाली लोगों के नाम दस्तावेज़ों में सामने आए हैं, उनके संबंध में अभी तक अदालत द्वारा अपराध सिद्ध नहीं किया गया है।
एपस्टीन फाइल्स का खुलासा राजनीतिक और सामाजिक बहस को तेज करता है। लेकिन कानूनी दृष्टि से किसी का नाम दस्तावेज़ में आना और अदालत में दोष सिद्ध होना अलग-अलग बातें हैं। इस मामले में तथ्यों, आधिकारिक रिकॉर्ड और न्यायिक प्रक्रिया को ध्यान में रखकर ही निष्कर्ष निकालना उचित होगा।

