5 जून 2026 — World Environment Day। सरकार ने दिल्ली में E85 ईंधन launch किया। बड़े-बड़े दावे हुए — “क्रांति आ गई”, “पेट्रोल सस्ता हो जाएगा”, “विदेशी तेल पर निर्भरता खत्म होगी।” टीवी पर खूब coverage आई। लेकिन जब ज़मीनी हकीकत देखते हैं, तो तस्वीर बिल्कुल अलग नज़र आती है।
Petroleum Minister Hardeep Singh Puri ने कहा — “E85 पेट्रोल से ₹20 सस्ता है। यह देश की energy security के लिए बड़ा कदम है।” यह बात सुनने में अच्छी लगती है। लेकिन एक ज़रूरी बात वो नहीं बोले — कि यह ईंधन सिर्फ flex-fuel vehicles के लिए है। आम पेट्रोल गाड़ी में E85 डाला तो इंजन खराब होगा।
और flex-fuel गाड़ियाँ? वो अभी इतनी कम हैं कि गिनती की जा सकती हैं।
| स्थिति | संख्या |
|---|---|
| भारत में कुल पेट्रोल पंप | ~88,000 |
| E85 पंप अभी | सिर्फ 48 |
| E85 पंप दिसंबर 2026 तक का लक्ष्य | 500 |
| E85 पंप 2027 तक का लक्ष्य | 5,000 |
| E85 compatible cars (private buyers के लिए) | सिर्फ Hero Splendor+ और HF Deluxe Flex Fuel |
| WagonR BioFlex — आम आदमी खरीद सकता है? | नहीं — सिर्फ commercial buyers के लिए |
अप्रैल 2026 से E20 पूरे देश में mandatory हो गया — बिना यह सोचे कि पुरानी गाड़ियों का क्या होगा। CarWale की रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने E5 और E10 वाली गाड़ियों के लिए कोई roadmap नहीं बनाया। बस policy बदल दी, बाकी जनता देखे।
E85 के साथ भी यही pattern दिख रहा है — पहले launch, फिर जनता खुद समझे।
सरकार का असली मकसद गलत नहीं है — भारत अपनी 85% से ज़्यादा oil ज़रूरत import से पूरी करता है। E85 से import कम करना एक ज़रूरी national goal है। लेकिन goal सही होने से rollout की तैयारी सही नहीं हो जाती।
जब तक flex-fuel गाड़ियाँ बड़े पैमाने पर बाज़ार में नहीं आतीं, जब तक हर शहर में E85 pump नहीं होता — तब तक करोड़ों लोगों के लिए यह सिर्फ एक press conference है।
- Bajaj और TVS के flex-fuel bikes 2027 तक आने की उम्मीद है।
- Tata Punch Flex Fuel और Hyundai Creta Flex Fuel 2026 के अंत तक आ सकती हैं।
- GST Council E85 पर tax 18% से घटाकर 5% करने पर विचार कर रही है — अगर हुआ तो economics बदलेगी।
- World Resources Institute के अनुसार E85 को meaningful बनाने के लिए कम से कम 25,000 pumps चाहिए।
जब तक यह सब नहीं होता — E85 एक अच्छी नीयत वाला, लेकिन अधूरा कदम है। “क्रांति” तब आएगी जब आम आदमी की गाड़ी में यह ईंधन डल सके — उससे पहले नहीं।

