दुनिया भर की संस्कृतियाँ अपनी परंपराओं, सोच और जीवनशैली के कारण अनोखी मानी जाती हैं। कई देशों में कुछ ऐसी आदतें देखने को मिलती हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं, लेकिन वे वहाँ की रोज़मर्रा का हिस्सा होती हैं। आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ रोचक और अद्भुत आदतें।
1. जापान: ट्रेनों में सोना शिष्टाचार माना जाता है
जापान में ऑफिस आने-जाने वाले लोग ट्रेन या बस में सो जाते हैं। इसे “इनिमुरी” कहा जाता है और यह बिल्कुल सामान्य माना जाता है।
यहाँ तक कि इसे मेहनती इंसान की निशानी भी माना जाता है, क्योंकि माना जाता है कि वह थकान की हद तक काम कर रहा है।
2. कोरिया: खाना खाते समय चॉपस्टिक से कटोरा नहीं उठाना
दक्षिण कोरिया में कटोरा उठाकर खाना अशिष्टता माना जाता है।
वहाँ लोग चॉपस्टिक से खाना खाते हैं, लेकिन कटोरा हाथ में उठाना गलत माना जाता है। चीन और जापान में यह बिल्कुल ठीक माना जाता है, लेकिन कोरिया में यह आदत अलग है।
3. नीदरलैंड: जन्मदिन पर सभी मेहमानों को बधाई देना
नीदरलैंड में घर में जन्मदिन पार्टी हो तो मेहमान मेज़बान को नहीं, बल्कि घर में मौजूद हर व्यक्ति को “हैप्पी बर्थडे” बोलते हैं—even अगर वो जन्मदिन वाले व्यक्ति न हों।
ये आदत बाकी दुनिया के लिए काफी आश्चर्यजनक होती है।
4. इंडोनेशिया: डकार को सम्मान समझा जाता है
इंडोनेशिया के कई ग्रामीण इलाकों में खाने के बाद ज़ोर से डकार लेना सामान्य माना जाता है।
यहाँ इसे खाना स्वादिष्ट था, इसका संकेत माना जाता है, जबकि कई देशों में इसे असभ्यता समझा जाता है।
5. रूस: घर में दाखिल होने से पहले बैठकर ‘एक मिनट रुकना’
रूस में कहीं यात्रा पर निकलने से पहले परिवार के सभी लोग एक मिनट चुपचाप बैठते हैं।
यह माना जाता है कि इससे सफर सुरक्षित रहता है और किसी तरह की जल्दीबाज़ी का तनाव कम होता है।
6. भारत: मेहमान को घर का भगवान मानना
भारत में “अतिथि देवो भव” परंपरा दुनिया में अनोखी मानी जाती है।
यहाँ मेहमानों का स्वागत, आदर और सत्कार विशेष रूप से किया जाता है—चाहे वे परिचित हों या बिल्कुल नए।
7. नेपाल: समय को लचीले तरीके से देखना
नेपाल में “Nepali Time” के नाम से मशहूर आदत है—
लोग समय को थोड़ा लचीले तरीके से लेते हैं। मीटिंग्स और कार्यक्रमों में कुछ देर की देरी भी सामान्य मानी जाती है।
8. फिनलैंड: साइलेंस को भी बातचीत का हिस्सा मानना
फिनलैंड में लोग बातचीत के दौरान लंबे समय तक शांत रह जाते हैं।
वहाँ इसे अजीब नहीं माना जाता, बल्कि लोग मानते हैं कि शांति भी एक तरह की बातचीत है।
हर देश की आदतें उसके इतिहास, संस्कृति और जीवनशैली से जुड़ी होती हैं। कई बार जो आदतें हमें अजीब लगती हैं, वही किसी देश में सामान्य और सम्मानजनक होती हैं।
इन्हें समझने से दुनिया को देखने का नजरिया और भी व्यापक हो जाता है।

