दिसंबर 2023 में जब Income Tax विभाग की टीमें ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल के अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ पहुंचीं, तो जो मिला उसने पूरे देश को चौंका दिया। नोटों से भरी अलमारियां, बैग के बाद बैग — और गिनती करते-करते मशीनें जलने लगीं।
6 दिसंबर 2023 को Income Tax विभाग ने Boudh Distillery Private Limited (BDPL) और उससे जुड़ी कंपनियों पर छापेमारी शुरू की। यह कंपनी झारखंड के कांग्रेस राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू के परिवार से जुड़ी बताई गई। ओडिशा के बलांगीर, तितलागढ़, बौध, राउरकेला, सुंदरगढ़ और भुवनेश्वर समेत 25 ठिकानों पर एक साथ रेड पड़ी।
- रेड की शुरुआत: 6 दिसंबर 2023
- कुल अवधि: 10 दिन
- जब्त नकदी: ₹351.8 करोड़ (Tribune India)
- जब्त सोना: करीब 3 किलोग्राम
- नोट गिनने की 29 मशीनें गर्म होकर खराब हुईं
- 176 बैग नोटों से भरे मिले — 3 बैंकों के 50+ अधिकारी गिनती में लगे
- देश में किसी एक छापेमारी में अब तक की सबसे बड़ी नकद बरामदगी
2018 में राज्यसभा चुनाव के हलफनामे में धीरज साहू ने अपनी कुल संपत्ति ₹34.83 करोड़ बताई थी और हाथ में नकदी सिर्फ ₹27 लाख घोषित की थी। लेकिन 2023 की इस छापेमारी में ₹351 करोड़ से ज्यादा नकदी मिली — यानी घोषित संपत्ति से करीब 10 गुना ज्यादा सिर्फ कैश।
यह मामला सिर्फ एक नेता की कहानी नहीं है — यह उस सिस्टम का आईना है जहां एक सांसद कागज पर ₹27 लाख नकदी दिखाता है और असलियत में सैकड़ों करोड़ घर में रखता है। सवाल यह नहीं कि पैसा किस पार्टी का था — सवाल यह है कि आम जनता के सामने जवाबदेही कब होगी?

